किसान चिल्ला रहे है बाप-बाप ... खेती हो गई बर्बाद ।

किसान चिल्ला रहे है बाप-बाप ... खेती हो गई बर्बाद ।

    खेतो में बर्बाद हो रही धान का पक्का फसल

चम्पारण नीति /बेतिया (प.च.
) गत दिनों भयंकर बारिश से तबाह जन-जीवन के साथ-साथ हजारों एकड़ में लगे धान व गन्ने की फसल हो गई बर्बाद।
          चनपटिया एवं मझौलिया प्रखंड क्षेत्र अन्तर्गत नवनिर्मित सिकरहना तटबंध बनने की वजह से तटवर्ती गाँव के खेतों में सिकरहना नदी की पानी भर जाने से हजारों एकड़ में लगी धान व गन्ने की फसल बिल्कुल बर्बाद हो चुकी है।
        स्थानीय किसानों व जानकारों के अनुसार सिकरहना तटबंध बनने के साथ स्थानीय सभी जल निकासी स्रोत बन्द हो चुके है। अब बारीश की पानी के साथ सिकरहना की पानी खेतों में भरा हुआ है और जल निकासी के लिए कोई रास्ता नही है।
            करीब एक सप्ताह से खेतों में भरे हुए पानी से धान और गन्ने की फसल सड़-गल रहे है। हाडतोड मेहनत करने वाले किसान चिल्ला रहे है बाप-बाप। किसानों की दुख-दर्द सुनने-समझने को तैयार नही। लेकिन कहने को बहुतेरे बनते रहे है हमदर्द .... ।
       

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