बांका: राजस्व कार्यों में सुस्ती पर कमिश्नर सख्त, 15 फरवरी तक गैरमजरुआ जमीन का रजिस्टर तैयार करने का दिया अल्टीमेटम

बांका: राजस्व कार्यों में सुस्ती पर कमिश्नर सख्त, 15 फरवरी तक गैरमजरुआ जमीन का रजिस्टर तैयार करने का दिया अल्टीमेटम

​बांका/भागलपुर : भागलपुर प्रमंडलीय आयुक्त अवनीश कुमार ने बांका जिले में राजस्व कार्यों की धीमी रफ्तार और लंबित मामलों को लेकर अधिकारियों के पेंच कस दिए हैं। मंगलवार (27 जनवरी) को बांका में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में आयुक्त ने दो टूक कहा कि सरकारी जमीन और राजस्व वसूली के मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी अंचलाधिकारियों को 15 फरवरी, 2026 तक हर हाल में पंचायतवार या हल्कावार गैरमजरुआ भूमि का रजिस्टर तैयार करने का सख्त निर्देश दिया है। आयुक्त ने बैठक में साफ तौर पर कहा कि सरकारी जमीन को सुरक्षित रखना प्रशासन की प्राथमिकता है, इसलिए अपर समाहर्ता को निर्देश दिया गया कि सरकारी भूमि से जुड़े कोर्ट केस की मॉनिटरिंग सीधे जिला राजस्व शाखा से हो और यदि प्रशासन सरकारी जमीन का कोई केस हारता है, तो चुप बैठने के बजाय तुरंत ऊपरी अदालत में अपील की जाए। साथ ही, जिले के हर अंचल में वन विभाग की जमीन का भी पूरा ब्योरा रखने को कहा गया है। ​आम जनता को राजस्व कर्मचारियों को ढूंढने में होने वाली फजीहत को गंभीरता से लेते हुए आयुक्त ने निर्देश दिया कि प्रत्येक राजस्व कर्मचारी के बैठने का स्थान और समय निर्धारित किया जाए, ताकि लोग आसानी से उनसे मिल सकें। इसके साथ ही 'परिमार्जन प्लस' पोर्टल पर आए आवेदनों में से कम से कम 90 प्रतिशत मामलों का तुरंत निपटारा करने और दाखिल-खारिज के मामलों में विधिवत नोटिस जारी करने का आदेश दिया गया है। राजस्व वसूली को लेकर भी बैठक में कड़े तेवर दिखाए गए, जिसमें अंचलाधिकारियों को नीलाम पत्र पदाधिकारी के रूप में हर महीने कम से कम 50 हजार से 1 लाख रुपये तक की वसूली सुनिश्चित करने को कहा गया है, जबकि जिला नीलाम पत्र पदाधिकारी को सबसे पुराने और बड़ी राशि वाले मामलों को प्राथमिकता पर निपटाने की हिदायत दी गई। आयुक्त ने वित्तीय वर्ष खत्म होने से पहले सभी सैरातों की बंदोबस्ती कर शत-प्रतिशत राशि वसूलने का टारगेट दिया है और विभागीय वसूली को हतोत्साहित करने की बात कही है। बैठक में अपर समाहर्ता, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, जिला बंदोबस्त पदाधिकारी और भूमि सुधार उपसमाहर्ता मौजूद थे, जबकि जिले के सभी अंचलाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े, जिन्हें नियमित रूप से हल्का निरीक्षण करने और लैंड बैंक हेतु जमीन का प्रस्ताव देने का भी निर्देश दिया गया।

रिपोर्ट:- के आर राव 


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