रजौन, बांका : ​बिहार राज्य भूमि सुधार कर्मचारी संघ (संयुक्त संघर्ष मोर्चा) के राज्यव्यापी आह्वान पर गुरुवार (5 फरवरी) को बांका जिले में राजस्व व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई, जहां अपनी 10 सूत्री मांगों और विभाग की वादाखिलाफी के विरोध में जिले भर के राजस्व कर्मचारियों ने कामकाज ठप रखते हुए समाहरणालय के समक्ष जोरदार प्रदर्शन किया। संघ का स्पष्ट आरोप है कि जून 2025 में हुए समझौते के बाद भी सरकार ने ग्रेड पे को 1900 से बढ़ाकर लेवल-5 (2800) करने, पदनाम बदलकर 'सहायक राजस्व पदाधिकारी' करने और गृह जिले में पदस्थापन जैसी मांगों पर चुप्पी साध रखी है, उल्टे बिना संसाधन उपलब्ध कराए मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे जिला अध्यक्ष मधेश कुमार ने सरकार को चेताया कि यह तो अंगड़ाई है और अब आर-पार की लड़ाई होगी। धरना स्थल पर जिला सचिव लोकेश कुमार और कोषाध्यक्ष शंभु कुमार के साथ-साथ संघ के रजौन प्रखंड अध्यक्ष दीपक कुमार के अलावे सक्रिय सदस्य सुशील कुमार, पंडित शशिनाथ प्रजापति, गुड्डू कुमार राम, लाला कुमार, आशुतोष कुमार और बबीता कुमारी समेत सैकड़ों कर्मियों ने अपनी आवाज बुलंद की। इन सभी ने एक स्वर में कहा कि लैपटॉप, इंटरनेट और वाहन भत्ता जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव में अब कार्य करना संभव नहीं है और रविवार या छुट्टियों में काम लेने की परंपरा बंद होनी चाहिए। प्रदर्शनकारी कर्मियों ने ऐलान किया है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो 9 फरवरी को पटना के गर्दनीबाग में प्रदर्शन के बाद, 11 फरवरी 2026 से सभी राजस्व कर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।