)रजौन,बांका :- भागलपुर-मंदारहिल रेलखंड पर रेलवे प्रशासन द्वारा हाल ही में कई गैर-मानव रहित और अवैध रेलवे क्रॉसिंग पर की गई बैरिकेडिंग व फेंसिंग के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। गुरुवार को पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक (जीएम) मिलिंद देउस्कर के बांका-भागलपुर-मंदारहिल रेलखंड के निरीक्षण दौरे के दौरान संझा हॉल्ट और धनसार गांव के समीप भारी जन-आक्रोश देखने को मिला, जहां सैकड़ों ग्रामीणों ने बैनर-पोस्टर और ज्ञापनों के साथ रेलवे की इस कार्रवाई का विरोध किया। ​संझा हॉल्ट के समीप संझा, सुजालकोरामा, भाटकोरामा, बाभनकोरामा, गोराडीह और कठरंग सहित दर्जनों गांवों की जनता एकजुट हुई और जीएम को ज्ञापन सौंपकर लेवल क्रॉसिंग की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि संझा हॉल्ट के बगल से गुजरने वाली पुरानी ग्रामीण सड़क पर बैरिकेडिंग होने से एम्बुलेंस तक का आना बंद हो गया है, जिसके कारण पिछले दस दिनों में इलाज के अभाव में दो लोगों की मौत हो चुकी है और बच्चों की शिक्षा ठप हो गई है। जीएम ने स्पष्ट किया कि वे वहां फाटक (लेवल क्रॉसिंग) तो नहीं दे सकते, लेकिन उन्होंने फिलहाल पैदल यात्रियों और बाइक के लिए बंद रास्ता तुरंत खुलवाने का आश्वासन दिया। इसके साथ ही उन्होंने यहां एक अंडरपास के निर्माण के लिए जल्द ही टेंडर करवाने और संझा हॉल्ट पर गोड्डा-भागलपुर पैसेंजर ट्रेन के ठहराव का भी भरोसा दिलाया। वहीं दूसरी ओर धनसार गांव को जोड़ने वाली मुख्य सड़क (गेट नंबर 14, पिलर संख्या 21/4 से 21/5) पर की गई बैरिकेडिंग के खिलाफ धनसार, सिंगरपुर, मकरमडीह, चकजबाय और चकमुनिया के ग्रामीण आवेदन के साथ जमा थे। हालांकि जीएम की ट्रेन वहां नहीं रुकी, लेकिन प्रतिनिधियों ने संझा हॉल्ट पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और बताया कि यह सड़क अंग्रेजों के समय के सर्वे में दर्ज है। आक्रोशित ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि रास्ते सुचारू नहीं हुए और ट्रेन ठहराव सुनिश्चित नहीं हुआ, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। इस दौरान सुरक्षा के लिए आरपीएफ के साथ रजौन सर्किल पुलिस इंस्पेक्टर राजेश कुमार और थाना की पुलिस टीम मुस्तैद रही।

रिपोर्ट :- केआर राव