बांका में विकास का महाकुंभ: सीएम नीतीश ने दी 708 करोड़ की सौगात, कटोरिया के तेलंगावा में गूंजा 'समृद्धि' का शंखनाद

बांका में विकास का महाकुंभ: सीएम नीतीश ने दी 708 करोड़ की सौगात, कटोरिया के तेलंगावा में गूंजा 'समृद्धि' का शंखनाद

बांका : ​बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी 'समृद्धि यात्रा' के तहत मंगलवार को बांका जिले के कटोरिया प्रखंड स्थित तेलंगावा गांव पहुंचे, जहां उन्होंने विकास की नई इबारत लिखते हुए जिले को 708.42 करोड़ रुपये की कुल 497 योजनाओं की बड़ी सौगात दी। मुख्यमंत्री के साथ उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी भी विशेष रूप से मौजूद रहे, जिससे इस दौरे का राजनीतिक और विकासपरक महत्व और बढ़ गया। तेलंगावा स्थित डिग्री कॉलेज मैदान के पीछे बने हेलीपैड पर मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत डीएम नवदीप शुक्ला और एसपी उपेंद्र नाथ वर्मा ने बुके देकर किया, जिसके बाद उन्हें पुलिस बल द्वारा 'गार्ड ऑफ ऑनर' दिया गया। ​कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्यमंत्री ने जीविका दीदियों द्वारा लगाए गए स्टॉल्स का बेहद आत्मीयता से निरीक्षण किया। उन्होंने महिलाओं के स्वावलंबन और उनके द्वारा तैयार उत्पादों की सराहना करते हुए स्पष्ट किया कि महिला सशक्तिकरण ही उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में कटोरिया को दो बड़े उपहार दिए। उन्होंने 5.45 करोड़ रुपये की लागत से तैयार अत्याधुनिक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का उद्घाटन किया और 12.14 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले नए डिग्री कॉलेज का शिलान्यास किया। ये दोनों परियोजनाएं इस सुदूर क्षेत्र के युवाओं और आम नागरिकों के जीवन स्तर को बदलने में मील का पत्थर साबित होंगी। ​इस ऐतिहासिक दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने रिमोट के जरिए पूरे बांका जिले के लिए सड़क, पेयजल, शिक्षा और बुनियादी ढांचे से जुड़ी सैकड़ों अन्य योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। सभा स्थल पर पहुंचते ही मुख्यमंत्री का स्वागत भारी जनसैलाब ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ किया। लोगों के बीच जबरदस्त उत्साह देखने को मिला और मुख्यमंत्री ने भी हाथ हिलाकर जनता का अभिवादन स्वीकार किया। उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और मंत्री विजय कुमार चौधरी की उपस्थिति ने यह संदेश साफ कर दिया कि सरकार बांका जैसे जिलों के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। 'समृद्धि यात्रा' का यह पड़ाव बांका के इतिहास में एक बड़े बदलाव के गवाह के रूप में दर्ज हो गया है।


रिपोर्ट :- केआर राव 

Post a Comment

0 Comments