
पटना। राज्य में थोक एवं खुदरा दवा दुकानों को दिनांक -22,23 एवं 24 जनवरी 2020 को बंद रखने का अपील बिहार केमिस्ट्स एडं ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन पटना ने किया है । अपील पर्चा
में कहा गया है कि राज्य के थोक एवं खुदरा दवा दुकानों को फार्मासिस्टम की उपलब्धता एवं तकनीकी गलती के नाम पर विभागीय उत्पीड़न एवं शोषण किया जा रहा है । जिसके विरोध में तीन दिवसीय बंदी का सभी से अपील किया गया है ।वहीं इसका समर्थन वेस्ट चंपारण केमिस्ट्स एडं ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन बेतिया एवं राहुल गांधी यूथ बिग्रेड के अध्यक्ष मनोज केशान ने किया है । मनोज केशान ने हमारे प्रतिनिधि को बताया की फर्मासिस्टम समस्या से हर एक दुकानदार को निजात पाना काफी मुश्किल है, सरकार को विकल्प तलाशना होगा । सरकार अपने फैसले पर अड़ी रही तो दुकानदारों की दुकानें बंद हो जाएगी । जिस कारण उन्हें घोर आर्थिक संकट का सामना तथा जीवन बसर करने में काफी समस्या होगा साथ ही आम जनता को मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा । इसका जिम्मेदार सरकार होगी । आगे कहा कि फर्मासिस्टम की पढ़ाई करने में 3 से 4 वर्ष लगते हैं । इसकी व्यवस्था राज्य में कहीं भी नहीं है । साथ ही केशान ने सुझाव देते हुए कहा कि अगर सरकार अभी से शुरू करेगी तो आने वाले 30वर्ष में फार्मासिस्टम की उपलब्धता सबके पास होने की संभावना हो सकती है । लेकिन अभी फार्मासिस्टम सभी पर थोपना दुकानदारों के साथ अन्याय करना होगा ।
बंद के दौरान मरीजों को आसानी से दवाई उपलब्ध हो सके इसके लिए भी सरकार को समुचित व्यवस्था करनी चाहिए । जिससे की मरीजों को किसी प्रकार का कोई परेशानी ना हो ।
वही बिहार केमिस्ट्स एडं ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन पटना के प्रमुख मांगें - 1.विभागीय निरीक्षण का उद्देश्य सुधार करने का होना चाहिए न कि उसके नाम पर उत्पीड़न एवं शोषण किया जाए। 2.दवा दुकानों में निरीक्षण ड्रग एक्ट में परिभाषित फॉर्ममेट (फॉर्म 35 )के अनुसार ही होना चाहिए एवं अन्य मांगे शामिल हैं ।