जल और हरियाली बिना जीवन की कल्पना बेमानीः जिलाधिकारी।

जल और हरियाली बिना जीवन की कल्पना बेमानीः जिलाधिकारी।


बेतिया। जल-जीवन-हरियाली के समर्थन में 19 जनवरी को बनने वाली मानव श्रृंखला में सभी की सहभागिता आवश्यक। जिलाधिकारी, डाॅ0 निलेश रामचंद्र देवरे ने कहा कि जल-जीवन-हरियाली, नशामुक्ति तथा बाल विवाह-दहेज प्रथा उन्मूलन के समर्थन में 19 जनवरी को विशाल मानव श्रृंखला का निर्माण किया जा रहा है। मानव श्रृंखला निर्माण में प्रत्येक व्यक्तियों की भागीदारी अत्यंत ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन से होने वाले विभिन्न प्रकार के समस्याओं के निराकरण के लिए सरकार द्वारा कार्ययाजना बनाकर अनेक कार्यक्रमों का संचालन किया जा रहा है। इसके तहत जल-जीवन-हरियाली अभियान की शुरूआत की गयी है। इस अभियान के तहत आहर तालाब, कुंओं को अतिक्रमणमुक्त करते हुए उनका व्यापक रूप से जीर्णोद्धार का कार्य चल रहा है। इसके साथ ही जल संरक्षण हेतु विभिन्न अभियानों को त्वरित गति से चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सोख्ता का निर्माण जल संरक्षण हेतु करने से पानी वेस्ट नहीं होता है। इसलिए ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों में स्थापित चापाकलों आदि में जहां पानी वेस्ट हो जाता है वहां सोख्ता का निर्माण किया जाय। वे प्रखंड कार्यालय परिसर, मझौलिया में आयोजित जनजागरूकता बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जल और हरियाली के बिना जीवन की कल्पना ही बेमानी है। जल और हरियाली रहेगी तभी जीवन सुरक्षित रह सकता है। उन्होंने उपस्थित लोगों का आह्वान किया कि जल और हरियाली को बचाने के लिए जहां तक हो सके वे अपनी भागीदारी अवश्य दें। उन्होंने कहा कि हमें तथा हमारी आनी वाली पीढ़ियों को खुशहाल वातावरण देने हेतु हम सभी को मिल कर प्रयास करना होगा। उन्होंने सौर उर्जा की महता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सौर उर्जा अक्षय उर्जा है। इससे काफी हद तक हम अपने वातावरण को स्वच्छ बना सकते हैं। सौर उर्जा को ज्यादा से ज्यादा बढ़ावा देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि उर्जा के अन्य स्रोतों को बचाने हेतु भी सभी को कारगर कदम उठाना पड़ेगा। जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार का उदेश्य है कि जल-जीवन-हरियाली अभियान में प्रत्येक व्यक्ति अपना योगदान दें ताकि जल-जीवन-हरियाली को सुरक्षित किया जा सके। उन्होंने कहा कि इसी उदेश्य से जन-जन को जागरूक करने हेतु 19 जनवरी को राज्यव्यापी मानव श्रृंखला का निर्माण किया जा रहा है। इसके साथ ही 14 जनवरी को साईकिल रैली का आयोजन जिला प्रशासन की ओर से किया गया है। साईकिल रैली का उदेश्य जल-जीवन-हरियाली और पर्यटन को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि इस अभियान में जन-जन की भागीदारी सुनिश्चित करने हेतु विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों रैली, मशाल जुलूस, प्रभातफेरी, जनसम्पर्क, साईकिल रैली, पदयात्रा, विद्यालय/महाविद्यालयों में मेहंदी रचाओं प्रतियोगिता, नारा लेखन, दीवार लेखन, अपील वितरण कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसके साथ ही जिले के सभी पंचायतों में प्रचार रथ तथा कला जत्था के कलाकारों द्वारा भी लोगों को जल-जीवन-हरियाली के समर्थन में 19 जनवरी को बनने वाली विशाल मानव श्रृंखला में भागीदारी देने हेतु जागरूक एवं प्रेरित किया जा रहा है।

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