आलोक वर्मा की जयंती पर संकल्प दिवस का हुआ आयोजन

आलोक वर्मा की जयंती पर संकल्प दिवस का हुआ आयोजन


नरकटियागंज। विधानसभा क्षेत्र स्थित शिकारपुर राजनीतिक घराने  में 12 जनवरी 1959 को तारकेश्वर प्रसाद वर्मा के द्वितीय पुत्र आलोक वर्मा का जन्म हुआ। प्रारंभिक शिक्षा के उपरांत दिल्ली के हंसराज कॉलेज से स्नातक आलोक प्रसाद वर्मा उर्फ ओम बाबू के मन में क्षेत्रीय विकास के प्रति अजीब जज्बा रहा। वे कई बार विधानसभा का चुनाव लड़े, लेकिन कभी विधायक नहीं बन सकें। बिना किसी पद और सत्ता के उन्होंने नरकटियागंज के विकास के लिए अथक प्रयास किया और अंततोगत्वा 680000000 का डीपीआर तैयार कराया। नरकटियागंज का विकास कार्य प्रारंभ हुआ तो उसके पूर्ण होने के पूर्व ही वे परलोक सिधार गए। उनके अंतिम संस्कार में लाखों की भीड़ जो क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक रही, लगभग 4 किलोमीटर लंबी शवयात्रा, लोगों ने पहली बार देखा। उनकी लोकप्रियता की परिणीति के तौर पर उनकी पत्नी रश्मि वर्मा 2015 के उपचुनाव में विधायक बनी। आलोक वर्मा की 61 वी जयंती पर आज उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर उनकी पत्नी पूर्व विधायक रश्मि वर्मा ने कहा कि आज वे नहीं है लेकिन उनके विचार और संकल्प आज भी जीवित है। हम सब इनके संकल्पों को धरातल पर उतारने के लिए कृत संकल्पित हैं। आलोक वर्मा की जयंती पर आयोजित संकल्प दिवस के कार्यक्रम में क्षेत्र के अधिकांश जनप्रतिनिधि शामिल हुए।इस मौके पर गणमान्य लोगों ने कैंडिल जलाकर ओमबाबू को श्रद्धांजलि अर्पित किया।साथ ही पूर्व विधायिका रेशमी वर्मा ने स्वर्गीय ओम बाबू के फोटो पर माल्यार्पण कर कैंडिल जलाया।इस दौरान गणमान्य लोगों को रेशमी वर्मा के द्वारा लंगर का व्यवस्था किया गया था।रेशमी वर्मा ने नगरवासियों को खाना भी खिलाया।

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