विद्या भारती बालकों में करती है जीवन मूल्य का निर्माण: उमाशंकर पोद्दार

विद्या भारती बालकों में करती है जीवन मूल्य का निर्माण: उमाशंकर पोद्दार






बेतिया । विद्या भारती के विद्यालयों में केवल अंक ज्ञान और अक्षर ज्ञान नहीं अपितु बालकों में जीवन मूल्य का निर्माण किया जाता है। जिसके माध्यम से बालकों का सर्वांगीण विकास किया जा सके। उक्त बात विद्या भारती के प्रांतीय अधिकारी उमाशंकर पोद्दार ने कहीं। वे रविवार को जिला मुख्यालय बेतिया के हरीवाटिका चौक स्थित बाबा बिजली दास सरस्वती शिशु मंदिर के वार्षिकोत्सव समारोह में अपने विचार को व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने यह कहां कि विद्या भारती योजना का प्रारंभ सन् 1952 में गोरखपुर के प्रथम शिशु मंदिर से हुआ। जो आज 30000 शैक्षिक संस्थान तक पहुंच गया  है। इसमें 175000 शिक्षक शिक्षिकाएं एवं 2700000 छात्र छात्राओं के साथ विश्व की सबसे बड़ी गैर सरकारी शिक्षण संस्थान के रूप में शिक्षण कार्य में अग्रसर है।  शिक्षा के क्षेत्र में हमनें  प्रतिमान स्थापित किया है। युवा पीढ़ी का निर्माण हो तथा उनमें राष्ट्रभक्ति कूट-कूट कर भरी हो ।समाज में व्याप्त कुरीतियों का सामना सफलतापूर्वक कर सकें। उसके ह्रदय में अपने राष्ट्री एवं अपने पूर्वजों के प्रति गौरव का भाव हो तथा समाज के  कमजोर  बंधुओं के प्रति उनके मन में संवेदना हो इस कार्य में हम लगातार सफलतापूर्वक आगे बढ़ रहे हैं, क्योंकि हमें समाज का भरपूर सहयोग प्राप्त हो रहा है। भारत ही नहीं पूरे विश्व में हमारे विचारों का अनुकरण किया जा रहा है। निर्धन एवं असहाय बच्चे बच्चियों की शिक्षा के प्रति भी हम संवेदनशील हैं । विद्या भारती द्वारा 14000 औपचारिक विद्यालय तथा 16000 अनौपचारिक विद्यालयों का संचालन नि:शुल्क किया जा रहा है। नेपाल एवं मॉरीशस में भी विद्या भारती के द्वारा शैक्षणिक संस्थान चलाए जा रहे है।  शिक्षक- प्रशिक्षण महाविद्यालय से लेकर इंजीनियरिंग तक की तैयारियां संकल्प  के साथ कराई जा रही हैं। वहीं वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों का स्वागत एवं परिचय करते हुए प्रधानाचार्य मनोज कुमार मिश्र ने कहा कि राष्ट्र धर्म तो कल्पवृक्ष संघ शक्ति ध्रुव तारा बने जगतगुरु भारत फिर से यह संकल्प हमारा है। अपने अध्यक्षीय उदगार को व्यक्त करते हुए विद्यालय प्रबंध कार्य समिति के अध्यक्ष नर्मदा मिश्र नवीन ने कहा कि कोई भी संस्था समाज के सहयोग के बिना नहीं चल सकती। हम खुशनसीब हैं कि हमारे विद्यालय को समाज का भरपूर सहयोग मिल रहा है। जिसकी बदौलत हमारे आचार्य नन्हे मुन्ने भैया - बहनों को अपने ज्ञान से सीचनें का कार्य कर रहे हैं। कार्यक्रम की शुरुआत आगत अतिथियों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच सामूहिक रुप से दीप प्रज्वलन के साथ की गई। स्नेह का हम सुमन लेकर कर रहे हैं स्वागत तुम्हारा। बहन निवेदिता एवं सुंदरम द्वारा स्वागत गान की प्रस्तुति की गई । जबकि गणेश वंदना की प्रस्तुति बहन शीतल एवं भैया शिवांश के द्वारा किया गया। उक्त मौके पर विद्यालय के भैया बहनों द्वारा एकांकी, भाव नित्य, योग गीत, कैसेट नृत्य, झिझिया नृत्य एवं दहेज प्रथा पर आधारित एकांकी की रंगारंग प्रस्तुति की गई। मौके पर विद्यालय प्रबंध कारिणी समिति के उपाध्यक्ष सुदामा सिंह, राम कृपाल दास, राज किशोर सिंह किशोर कुमार, विनोद कुमार सिंह, आदि ने अपने विचारों को व्यक्त किया। धन्यवाद ज्ञापन विद्यालय प्रबंध कार्यसमिति के सचिव प्रोफेसर ओम प्रकाश यादव ने दिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय परिवार की ओर से आचार्य पूनम, अंजना मिश्र के अलावे  सभी शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों का सराहनीय योगदान रहा। इस मौके पर विद्यालय में पढ़ने वाले समस्त भैया बहनों के माता पिता व अभिभावक उपस्थित थे।

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