(कोरेन्टीन सेंटर में रहने वाले प्रवासियों द्वारा जमकर हंगामा करते हुए ) - फाईल फोटो
(अरविन्द कुमार सिंह / संवाददाता ) कटोरिया। बांका जिले में रोजाना कही न कही कोरेन्टीन सेंटर में रहने वाले लोग अपनी जांच के साथ-साथ कोरेन्टीन सेंटर को सनेटाइजर कराने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी कड़ी में रविवार को कटोरिया प्रखंड के इनारावरण स्थित सरकारी धर्मशाला में कोरेनटाइन किये गए प्रवासियों ने जमकर हंगामा किया। प्रवासियों ने कोरेनटाइन सेंटर पर प्रशासनिक कुव्यवस्था से तंग आकर सड़क पर निकल गए। इस दौरान प्रवासियों द्वारा जमकर हंगामा किया गया। प्रवासियों का कहना था कि सेंटर पर उन्हें नियमित रूप से खाना नहीं दिया जा रहा है। जांच की कोई व्यवस्था नहीं है। साथ ही प्रवासियों ने कोरेनटाइन सेंटर पर सैनिटाइजेशन नहीं कराने का भी आरोप लगाया। बता दें कि शनिवार को जिन तीन प्रवासियों की कोरोना पॉजिटिव होने की पुष्टि की गई थी, उन सभी को सबसे पहले इसी कोरेनटाइन सेंटर पर कोरेनटाइन किया गया था। जिन्हें दो दिन पूर्व ही वहां से निकालकर कटोरिया ले जाया गया था। इसकी जानकारी होते ही कोरेनटाइन सेंटर पर रहने वाले सभी प्रवासी संक्रमित होने की आशंका में सहमे हुए हैं। जिसको लेकर ही प्रवासियों ने सेंटर की साफ-सफाई एवं सैनिटाइजेशन की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।
कई घंटे तक देवघर, कटोरिया पक्की पथ को जाम कर देने के कारण दोनों ओर से सैकड़ों गाड़ियां जमा हो गई। जिसमें से अधिकतर माल वाहन ट्रक और छोटी - छोटी गाड़ियां थी। जिससे लोगों को काफी परेशानी हुई ।वहीं सड़क पर बैठे कामगारों से बात करने में भी स्थानीय लोग हिचक रहे थे। बाद में कटोरिया के स्थानीय प्रखंड विकास पदाधिकारी अंचलाधिकारी सहित कई अन्य के आने और समझाने बुझाने
तथा सभी की जांच कराने और सफाई व्यवस्था की समुचित व्यवस्था करने के आश्वासन के बाद ही मामला शांत होने का ख़बर है। लेकिन यह घटना इस ओर भी संकेत कर रहा है की
इस प्रकार से हंगामा इस बात का जीता जागता प्रमाण देता है की पदाधिकारियों की लापरवाही बांका में कोरोना को न्योता देने के समान है।
आगे देखना यह बेहद खास होगा की पदाधिकारियों का आश्वासन कितना कामयाब होता है ? तथा लापरवाही बरतने वाले पदाधिकारियों पर सरकार का क्या एक्शन होता है ?
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