मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कोरोना के रोकथाम को लेकर उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी और स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय संग जिले तथा प्रखंड स्तर के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ किया वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कोरोना के रोकथाम को लेकर उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी और स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय संग जिले तथा प्रखंड स्तर के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ किया वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग



 संवाददाता :- आनंद झा / बाँका ।
*रिपोर्ट*- वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सरकार के मुखिया ने अपने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों संग संवाद स्थापित किया जिसमें स्वास्थ्य मंत्री ने संबोधित करते हुए सबों के द्वारा लॉकडौन को  सफलतापूर्वक लागू कराने हेतु माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और सुशील मोदी को बधाई दी और कहा कि यह संक्रमण संपर्क में आने से फैलता है और ये तेजी से फैलने वाला संक्रमण है । जरूरत है संक्रमण वाले वायरस को रोकने का क्योंकि एक संक्रमित व्यक्ति 70-80 आदमी को संक्रमित कर सकता है, और इस संक्रमण का अब तक कोई इलाज नही ईजाद हुआ है न ही इसका टीका ही आया है सो  इससे बचने का एकमात्र उपाय है मास्क का नियमित उपयोग और समुचित सामाजिक दूरी बनाये रखना और इससे उत्पन्न स्थिति से निपटने की भी दरकार है। अब सरकार को  आवाम के सहयोग से इस चुनौती को  अवसर में बदलना होगा क्योंकि जान है तो जहान है ,काम करना जितना आवश्यक है उतना ही जरूरी है स्वास्थ्य की चिंता करना ताकि स्वयं भी सुरक्षित रहें और दूसरे को भी इस संक्रमण से बचा सकें । अब तक प्रदेश भर में कुल 22 केंद्रों पर कोरोना की जांच की जा रही है ,चूंकि बाहर निकल कर काम करना है और ये संक्रमण दीर्घकालीन प्रतीत हो रहा है इसलिए बचाव के साथ संघर्ष जरूरी है  और सतर्कता सजगता से सबों के सामूहिक प्रयास से ही इससे निजात पाया जा सकता है, इस  महामारी की जानकारी 13 मार्च को हुई और विधानसभा और विधान परिषद में भी इसकी चर्चा हुई जिसके बाद 16 मार्च को बजट पारित होने के बाद बजट सत्र को  स्थगित कर दिया गया जिसके बाद देश भर में 22 मार्च को जनता कर्फ्यू हुआ जिसके बाद 23 मार्च से लॉकडौन लगाया गया और केंद्र सरकार द्वारा 25 मार्च से 31 मई तक तीन चरणों मे लॉकडौन को लागू किया गया।
कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बताया कि उन्होंने लगातार 3 दिनों तक इस लॉकडौन के दरम्यान वीडियो संवाद के जरिये कुरन्टीन सेंटर के प्रवासी श्रमिकों से हाल चाल भी जाना और  आपदा प्रबंधन एक्ट 2005 को भी लागू करवाया गया , जागरूकता फैलाने में जागरूक जनप्रतिनिधियों के भी  सराहनीय योगदान है और रहेगा उनके माध्यम से जीविका दीदी द्वारा बनाये गए मास्क को भी प्रत्येक परिवार के बीच साबुन के साथ वितरित करवाया गया ।आपदा में अब तक कुल 8538 करोड 52 लाख रुपया खर्च किया गया साथ ही बताया गया ही  आपदा के राहत कोष में पहला हक आपदा से प्रभावित लोगों का है इस दरम्यान सरकार ने विभिन्न योजनाओं के जरिये लोगों को आर्थिक लाभ दिलवाने के काम किया।  15 जून तक प्रदेश भर में चल रहे सभी कुरन्टीन सेंटर्स बंद कर दिए जाएंगे तथा सभी बाहरी श्रमिक जो आ रहे हैं उन्हें होम कुरन्टीन में भेजा जाएगा साथ ही ज़िले भर में 288 मेडिकल टीम के जरिये पोलियो उन्मूलन के तर्ज पर इसका डोर टू डोर किया जा रहा है जो अनवरत जारी रहेगा । अब तक 20 लाख से अधिक प्रवासी श्रमिकों को राज्य सरकार द्वारा मदद किया जा चुका है बताते चलें कि 1 मई से ही श्रमिकों को ट्रेन द्वारा लाया जा रहा है, साथ ही उन्होंने बताया कि एहतियातन और भी नए 40000 बेड का इंतेजाम कोरोना पॉजिटिव मरीजों के लिए किया जाना है । इससे बचने का मुख्य हथियार है समाजिक दूरी बरकरार रखते हुए मास्क का प्रयोग करना और करवाना । 
माननीय मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों को भी विशेष धन्यवाद ज्ञापन किया और कहा कि उनकी सजगता और  समर्पण से बिहार में कोरोना पर काबू पाया जा सका । जनधन योजना के तहत 500 तीन महीने तक, वहीं डॉक्टरों के लिए 50 लाख का इन्सुरेंस भी किया गया है , वृद्धजनों को पेंशन योजना के तहत 1000 तीन महीने के लिए  अग्रिम भेजा गया है  । जरूरी है कि सभी जनप्रतिनिधियों, आला अधिकारियों के सहयोग से इस संदर्भ में अधिक से अधिक लोगों को जागरूक और सजग  रह कर सचेत रहने की सलाह दी जाय और इस दिशा में ठोस पहल किया जाय । 

Post a Comment

0 Comments