(शहाबुद्दीन अहमद/चम्पारण नीति)
बेतिया ।छठा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर वक्ताओं ने अपने विचार को रखते हुए कहा कि, इसकी प्रासंगिकता इतिहास के पन्नों को देखा जाए तो यह स्पष्ट हो जाता है कि, योग से ही दूर होगा रोग, इस को चरितार्थ करते हुए, सत्याग्रह रिसर्च फाउंडेशन के सचिव सह ब्रांड एंबेसडर स्वच्छ भारत मिशन डॉ एजाज अहमद( अधिवक्ता) ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर उन सभी विभूतियों को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने विगत 5 हजार वर्षों के मानव इतिहास में , योग कों विभिन्न रूपों में एक नई पहचान दिलाई,इस अवसर पर डॉ एजाज अहमद ने कहा कि 11 दिसंबर 2014 को माननीय प्रधानमंत्री ,नरेंद्र मोदी ने भारत सरकार की ओर से संयुक्त राष्ट्र संघ की आम महासभा में 21 जून को प्रत्येक वर्ष, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस बनाने का प्रस्ताव रखा था ,जिसे 193 देशों में से, 175 देशों ने बिना किसी प्रस्ताव पारित किए ,अंतरराष्ट्रीय योग दिवस प्रत्येक वर्ष 21 जून को मनाने का निर्णय लिया ,यह भारत सरकार की ओर से अतुल्य प्रयास था, जिसने विलुप्त हो रहे संस्कृति को एक नई पहचान दिलाई !आज विश्व के अनेक देशों में योग दिवस मनाया जा रहा है! योग की परंपरा अत्यंत प्राचीन है! इसकी उत्पत्ति हजारों वर्ष पूर्व हुई थी,जब से सभ्यता शुरू हुई, सभ्यताओं के आरंभ से ही विभिन्न रूपों में योग किए जाने का प्रमाण मिलता है! पश्चिम के विद्वानों ने योग (सलात)का जन्म 5 हजार वर्ष पूर्व माना है !इस लंबी अवधि में विभिन्न धर्मों में विभिन्न नामों से योग कों देखा जा सकता है! स्वामी विवेकानंद ने शिकागो के धर्म सम्मेलन में योग पर विशेष रूप से चर्चा की थी ! राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने 1917 में अपने चंपारण सत्याग्रह यात्रा पर योग पर विशेष रूप से कार्य किया था! राष्ट्रपिता महात्मा गांधी प्रात: उठते एवं योग के बाद ही भोजन ग्रहण करते! इस अवसर पर स्वच्छ भारत मिशन के ब्रांड एंबेसडर, डॉ नीरज गुप्ता,व बिहार विश्वविद्यालय इतिहास विभाग के, डॉ0 शाहनवाज अली, वरिष्ठ पर्यावरणविद सह सामाजिक कार्यकर्ता, अमित कुमार लोहिया एवं जिला कला मंच की संयोजक, शाहीन परवीन ने कहा कि योग को विभिन्न धर्मों के धर्मावलंबी विभिन्न नामों से योग करते हैं! योग के माध्यम से रोग को भगाया जा सकता है!योग करने से शरीर एवं मस्तिष्क को बल मिलता है! योग करने से मनुष्य के शरीर में उत्पन्न होने वाली सभी बीमारियों पर नियंत्रण किया जा सकता है, विशेष रुप से, उच्च रक्तचाप, ब्लड शुगर, दिल की बीमारियां, दम्मा ,सांस फूलने की बीमारी, पेट की आंतरिक बीमारी,शरीर के सभी अंगो का दर्द से मुक्ति मिल सकती है ,अगर सही तरीके से योग के आसनों को अपनाकर योग की कार्य प्रणाली को अपनाने से इन सभी बीमारियों से मुक्ति मिल सकती है, इसके लिए मनुष्य को समय अनुसार योग करना अनिवार्य होता है, मनुष्य का शरीर एवं मस्तिष्क तनाव से मुक्त होता है! मनुष्य के शरीर में नई ऊर्जा का प्रवाह होता है! योग से रोग दूर करने की प्रथा वर्षों पुरानी चली आ रही है जिससे पूरे दुनिया के लोग आज के दिन ,अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मना कर, इसकी प्रचलन को आने वाले दिनों में भी इस पर सक्रिय रहने की अनुभूति प्राप्त होती है।

