(शहाबुद्दीन अहमद/चम्पारण नीति)
बेतिया । भारत सरकार के महत्वकांक्षी योजना ,स्वच्छ भारत मिशन अभियान पर ग्रहण लगा रहा है, शिक्षा विभाग के कर्मी और पदाधिकारी, शिक्षा विभाग के द्वारा कार्यालय के अलमीरा तक ही सिमटा कर समाप्त हो गया है, स्वच्छ भारत मिशन अभियान का एक नजारा शिक्षा विभाग के कार्यालयों पर गौर करने से वस्तु स्थिति की जानकारी हो जाएगी, इस सभी फोटो से अंदाजा लगाया जा सकता है कि यहां किस प्रकार की स्वच्छता है, यहां के अलमीरा और दीवारों पर साटा गया है कि अंदर पान, गुटखा ,खैनी खाकर न थुके। थूकना दंडनीय अपराध है ,इसके लिए ₹500 जुर्माना है ,लेकिन आखिर इस कार्यालय में कौन इसका कानून पर अमल करता है, साथ ही गंदगी फैला फैलाकर इस कानून के नियमों प्रधानों का मजाक उड़ाया जा रहा है, और न इंलोगों पर जुर्माना लगाया जा रहा है, यही हाल शिक्षा विभाग के अलावा जिला के सभी कार्यालयों विभागों का है, जानकारों का कहना है कि शिक्षा विभाग एवं अन्य विभाग के कार्यालय में जो भी आते हैं शिक्षाविद एवं समाज के प्रति जागरूक व सजग लोग ही आते हैं ,आखिर कौन कर्मि व पदाधिकारी, गुटका खाकर कार्यालय में इतनी गंदगी का अंबार लगाये रहते है जिससे वहां पर जाना दुश्वार हो गया है, इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि कैसे कर्मी और पदाधिकार बैठकर काम को निपटाते होंगे, यह समझ से परे की बात है, साथ ही स्वच्छता अभियान को ठेंगा दिखाने वाली बात चरितार्थ हो रही है।


