जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन द्वारा कवि गोष्ठी सह किताब का किया गया लोकार्पण

जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन द्वारा कवि गोष्ठी सह किताब का किया गया लोकार्पण

बांका(रजौन):जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन के तत्वाधान में शनिवार को विजय नगर स्थित हनुमान आवास में कवि-गोष्ठी सह किताब लोकार्पण आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आगाज हनुमान जी के मंगलाचरण एवं स्वागत गान से किया गया।कार्यक्रम की अध्यक्षता साहित्यकार सह कवि डॉ.अचल भारती एवं संचालन शंकर दास के द्वारा किया गया।मौके पर कवि खुशिलाल मंजर द्वारा रचित गजल संग्रह 'उजाले भी डराते हैं' का लोकार्पण उपस्थित साहित्यकारों द्वारा किया गया।कवि गोष्ठी का शुभारंभ सरयुग सौम्य के नवगीत- नया साल आया गाओ' नवगीत से हुआ।शंकर दास-'सिर्फ कत्ल ही नहीं हुआ सरेआम भी कहिए'डॉ अचल भारती-बोलो-बोलो और जोर से बोलो,अभी तुम्हारी आवाज तुम तक पहुंच ही नहीं'। खुशिलाल मंजर'हम कितने दूर हैं..'अम्बिका झा हनुमान'कोरोना तेरी कोरोना कहानी'

अली इमाम 'सोया रहता है अंधेरे में मुकद्दर मेरा..';लक्ष्मण मंडल 'हमने कितने गीत सुने हैं जाड़े की';आशीष महासागर 'गुमनाम शहर में एक नाम लेकर आए..' सहित अन्य कवियों ने काव्य पाठ किया।जिसमें;नंदकिशोर कर्म प्रेमधन,अशोक कुमार झा ,अरुण, प्रभाकर सुमन,आशीष सागर, प्रवीण कुमार प्रणव,महेश मिश्र आदि कभी गान की प्रस्तुति करते हुए वातावरण को हर्षित कवि मय कर दिया।गोष्टी का समापन खुशीलाल मंजर के गजल गायन के साथ किया गया।

रिपोर्ट : कुमुद रंजन राव

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