खैरा के रविशंकर ने पर्यावरण प्रबंधन एवं ग्रामीण नियोजन बांका जिले के संदर्भ पर किया पीएचडी

खैरा के रविशंकर ने पर्यावरण प्रबंधन एवं ग्रामीण नियोजन बांका जिले के संदर्भ पर किया पीएचडी


बांका (रजौन) :पर्यावरण प्रबंधन एवं ग्रामीण नियोजन बांका जिले के संदर्भ में शोध कार्य करते हुए प्रखंड क्षेत्र के खैरा ग्राम निवासी सह डीएन सिंह कॉलेज के सेवानिवृत्त व्याख्याता डॉ.प्रो. प्रताप नारायण के पुत्र रवि शंकर ने गुरुवार को तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के समाज विज्ञान संकाय के अंतर्गत भूगोल विभाग से पीएचडी की उपाधि ग्रहण की।इनका विषय काफी रोचक,मौलिक व सामयिक था।इस शोध के माध्यम से इन्होने जिले में पर्यावरण प्रबंधन एवं ग्रामीण विकास की संभावनाओं पर बारीकी से प्रकाश डाला है।इस मौके पर तिलकामांझी विश्वविद्यालय शोधकार्य निदेशक सह भूगोल विषय के सेवानिवृत्त विभागाध्यक्ष डॉ.शरत चन्द्र,मुख्य परीक्षक के रूप में ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय दरभंगा सेवानिवृत्त भूगोल विभागाध्यक्ष डॉ.प्रताप नारायण राय,तिलकामांझी विश्वविद्यालय भूगोल विभागाध्यक्ष डॉ. संजय कुमार झा,टीएनबी कॉलेज के भूगोल विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ.अनिरुद्ध कुमार,सेवानिवृत्त विभागाध्यक्ष डॉ.बी.के शर्मा, डॉ. एसएन पांडेय मुरारका कॉलेज सुल्तानगंज सेवानिवृत्त विभागाध्यक्ष डॉ.मनोज झा, सहायक प्राध्यापक,डॉ.प्रशांत, डॉ.स्वाति,डॉ.एस.मुखोपाध्याय, टीएनबी कॉलेज के भूगोल विषय के सेवानिवृत्त प्रदर्शक बिंदेश्वरी प्रसाद,दीपनारायण सिंह महाविद्यालय भुसिया रजौन के प्राचीन इतिहास के सेवानिवृत्त विभागाध्यक्ष डॉ.पी.एन.सिंह के उपस्थिति में रिसर्च स्कॉलर रवि शंकर से परीक्षकों ने मौखिक परीक्षा लेने के बाद उपाधि प्रदान किया।मौके पर उपस्थित सभी भूगोलवेत्ताओं ने इनके इस शोध कार्य की काफी प्रशंसा की है। इस खबर से उनके स्वजन सहित सगे संबंधियों में काफी उत्साहित दिख रहे हैं।

रिपोर्ट : कुमुद रंजन राव

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