बांका (रजौन): हाईकोर्ट के आदेश पर थानाक्षेत्र अंतर्गत चांदन नदी चिलकावर-घोघा वीयर से लेकर सिंहनान13 किलोमीटर तक बालू उठाव पर प्रतिबंध लगा हुआ है।इसके बाद भी विभिन्न प्रतिबंधित बालू घाटों से अवैध तरीके से बालू उठाव जारी है।सिंहनान प्रतिबंधित बालू घाट रजौन- जगदीशपुर के सीमा पर पर अवस्थित है।बालू माफिया -कारोबार बिना किसी डर भय के अवैध खनन कर दिन रात भंडारण एवं परिवहन करने नहीं छोड़ते हैं।पासिंगऔर लाइनर गिरोह की सक्रियता से यह धंधा परवान पर फल-फूल रहा है।एक अनुमान के अनुसार रोजाना दर्जनों ट्रैक्टर जगदीशपुर- टेकनी भाया सिंहनान के रास्ते बालू घाट में प्रवेश करती है।पुनः बालू लोड कर उसी रास्ते से भागलपुर, सबौर या और अन्य गंतव्य के लिए निकल जाते है,लेकिन रास्ते में जांच कर रही पुलिस तिरपाल से ढ़के वाहनों को नजरअंदाज करते दिखते है।स्थानीय ग्रामीणों व समाजसेवियों का कहना है कि सिंहनान भाया टेकनी मोड़ अपराधियों के लिए सेफ जोन का अड्डा बना हुआ है। क्षेत्र अंतर्गत धोबीडीह,शराब फैक्ट्री मोड़,टेकनी मोड़, तेरहमाईल,राजावर मोड़ माफियाओं के लिए एकमात्र रास्ता है जिस पर पुलिस अंकुश लगाने में विफल साबित हो रही है।ऐसे में थानाक्षेत्र अंतर्गत इस तरह की लापरवाही वरीय पुलिस प्रशासन पर प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है? रजौन थाना से सटे चांदन नदी प्रतिबंधित घाट रूपसा,डरपा, अमदाहा,सिंहनान,रामपुर बालू घाट पर कार्रवाई करने में प्रशासनिक महकमा कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहा है। नतीजा चांदन नदी मातृपय पर होती नजर आ रही है।नदी के प्रतिबंधित क्षेत्र में जाकर बालू का अवैध खनन किया जा रहा है। नदियां अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रही है।थानाक्षेत्र अंतर्गत चांदन नदी में तो बालू की लूट हो रही है।जहां-तहां और जैसे तैसे बालू का उत्खनन होने से नदी उथली हो गई है और जहां तहां बड़े-बड़े गड्ढे बन गए है। खनन नियमावली के विपरीत बालू का उत्खनन किए जाने से चांदन नदी का स्वरूप बुरी तरह बिगड़ गया है।माफियाओं का मनोबल इस कदर बढ़ा हुआ है कि सुरक्षा तटबंध को तहस-नहस कर बालू का खनन कर रहे है। बाढ़ की संभावनाएं उत्पन्न होती है तो पूरा इलाका तहस-नहस हो जाएगी।इससे बांध के क्षतिग्रस्त होने की संभावना बढ़ गई है। इसका सीधा दुष्प्रभाव खेती पशुपालन सहित भू-जलस्तर पर देखा जा रहा है।नदियों से सिंचाई और जलापूर्ति योजनाएं धाराशाही हो चुकी है।ऐसे में अवैध बालू खनन बदस्तूर जारी है।ट्रैक्टर ट्रॉली गांव के बीचों-बीच निकल रहे है जिससे आधी रात के बाद पूरी दिन भर परिवहन का सिलसिला शुरू रहता है। ट्रैक्टर ट्रॉली की आवाज से लोगों के नींद में खलल पड़ रहा है।इसके मुक्तभोगी ग्रामीणों में आक्रोश है। जबकि सरकार को रोजाना लाखों का राजस्व का नुकसान हो रहा है।
अविलंब चांदन नदी के तटबंध का निरीक्षण किया जाएगा तथा तटबंध क्षतिग्रस्त मामले में उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अरुण कुमार सिंचाई विभाग कार्यपालक अभियंता
अविलंब चांदन नदी के प्रतिबंधित बालू घाटों का निरीक्षण किया जाएगा।बालू के अवैध उत्खनन करने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
महेश्वरपासवान ,खान,निरीक्षक, पुलिस लगातार ओवरलोडिंग भारी वाहनों,बालू कारोबारियों,पासिंग गिरोह एवं लाइनरों आदि पर करवाई करने में लगी हुई है।पेट्रोलिंग भी बढ़ा दी गई है।
राजेश कुमार, पुलिस इंस्पेक्टर,रजौन
रिपोर्ट: कुमुद रंजन राव
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