भोपाल। एक्सेल रिसर्च मैनेजमेंट एसोसिएशन के द्वारा 'डिजिटल इंडिया: चेलेन्जेस एंड अपोर्चुनिटी (challenges & Opportunity)' विषय पर राष्ट्रीय वेब कांफ्रेंस का उद्घाटनमहानिदेशक (एम. पी. सी. एस. टी.) डॉ. अनिल कोठारी द्वारा किया गया और प्रतिभागियों को रिसर्च की तरफ प्रेरित करते हुए कई योजनाओं से रूबरू कराया और बताया कि आज के युग में युवा पीढ़ी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बहुत निर्भर हो चुकी है । और covid महामारी के बाद से डिजिटल तकनिकी पर युवाओं की निर्भरता में बहुत बड़ा इजाफा यहाँ देखने को मिला है और डिजिटल तकनिकी के शिक्षा के खेत्र में प्रवेश से वे अत्यंत ख़ुशी जताते हुए शोधार्थियों को म्प cst द्वारा समय समय पे दिए जाने वाले लाभ से भी अवगत कराया | कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. (डॉ.) अविनाश बाजपाई (कुलसचिव) माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल द्वारा की गई और डिजिटल तकनिकी के विभिन्न फायदे प्रतिभागियों के साथ साझा किये | कार्यक्रम के संरक्षक डॉ. कपिल राज चंदौरिया (सहायक प्राध्यापक) माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल ने शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल तकनिकी की उपयोगिता पर प्रकाश डाला और भविष्य में डिजिटल तकनिकी के लाभ बताये | कांफ्रेंस के आयोजन सचिव डॉ. चन्द्र प्रकाश वर्मा (संस्कृति विश्वविद्यालय) एवं आयोजन सह-सचिव डॉ. विजय कुमार दीक्षित (शिक्षक) रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय द्वारा कांफ्रेंस की रूप रेखा बताकर किया | जबकि कांफ्रेंस के संचालक डॉ. मोहन सिंह मरैया एवं डॉ. नीतू सिंह यादव द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया |
इस राष्ट्रीय कांफ्रेंस में देश भर से कुल 786 प्रतिभागियों द्वारा अपनी सहभागिता प्रदान की गई उक्त कार्यक्रम में दो तकनिकी सत्र थे जिसमे प्रथम तकनिकी सत्र की अध्यक्षता डॉ. कंचन भाटिया (प्राध्यापक) माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल एवं डॉ. ध्रुव कुमार दीक्षित (प्राध्यापक) समाज शास्त्र विभाग, केशरवानी कॉलेज, जबलपुर द्वारा की गई इस सत्र में कुल 9 शोध पत्र देश भर के विभिन्न शोधार्थियों द्वारा समसामयिक विषय पर प्रस्तुत किया गए
जबकि दुसरे सत्र की अध्यक्षता संयुक्त रूप से डॉ. भावना जोहरी (प्राध्यापक) दयालबाग एजुकेशनल इंस्टिट्यूट (डीम्ड) यूनिवर्सिटी, आगरा एवं डॉ. मनोज पचारिया (सह-प्राध्यापक) माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल के द्वारा की गई जिसमे कुल 8 शोध पत्रों का प्रस्तुतीकरण देश भर के विभिन्न शोधार्थियों के द्वारा किया गया |
समापन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप डॉ. बी. सी. महापात्रा (पूर्व प्राध्यापक) भोज विश्वविद्यालय, भोपाल द्वारा डिजिटल तकनिकी के बारे में बताया कि कोविड-19 ने हमें कई नई बातें सिखाई। आपदा के बीच अवसर को तलाशने के उद्देश्य से डिजिटल तकनिकी ने अहम् भूमिका निभाई उन्होंने बताया कि जहाँ पूरा देश बंद था वहां केवल डिजिटल तकनिकी ही थी जिसने लोगो को जोड़ के रखा और और उनके सभी कार्यो को घर से संचालित करने का मार्गदर्शन उन्हें प्रदान किया | साथ ही साथ भारत की छवि को सुधारने में डिजिटल म तकनिकी कितनी सफल साबित होगी इस बात को भी स्वीकारा | उन्होंने यह भी कहा कि इस दौरान ऑनलाइन सेक्टर में काफी वृद्धि हुई। सरकार ने ऑनलाइन माध्यमों से न सिर्फ कार्यक्रमों व योजनाओं के बारे में लोगों तक जानकारी उपलब्ध कराई, बल्कि सुविधाओं को भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से लोगों तक पहुंचाया। इसके उपरांत इस कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रो. (डॉ.) अविनाश बाजपाई (कुलसचिव) माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल ने भी कांफ्रेंस के आयोजकों को बधाई देते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम आयोजित होने चाहिए क्योंकि इनमे ही भरपूर तकनिकी का प्रयोग किया जाता है | इस एक दिवसीय राष्ट्रीय कांफ्रेंस के संक्षिप्त विवरण कार्यक्रम की कार्यक्रम के संरक्षक डॉ. कपिल राज चंदौरिया (सहायक प्राध्यापक) माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल द्वारा प्रस्तुत करके की गई | अंत में आयोजन सचिव डॉ. चन्द्र प्रकाश वर्मा (संस्कृति विश्वविद्यालय) आभार प्रदर्शन कर इसका ओपचारिक समापन किया ।


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