प्रारंभिक विद्यालयों में शिक्षकों की घोर कमी से पठन-पाठन पर पड़ रहा है असर

प्रारंभिक विद्यालयों में शिक्षकों की घोर कमी से पठन-पाठन पर पड़ रहा है असर

बांका (रजौन): कठचातर लीलातरी  मध्य विद्यालय में विज्ञान एवं गणित शिक्षक का घोर अभाव देखने को मिल रहा है।पूर्व के विज्ञान शिक्षक देवी प्रसाद के सेवानिवृत्त हो जाने से 31 जनवरी से ही विद्यालय में विज्ञान शिक्षक का पद रिक्त है।विद्यालय में पदस्थापित शिक्षक सुबोध कुमार उत्क्रमित उच्च विद्यालय करसानी प्रतिनियुक्ति कर दी गई है।इस संबंध में ग्रामीणों ने बताया कि शिक्षकों के अभाव को लेकर जिले के वरीय पदाधिकारी को आवेदन भेजा गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 31 जनवरी को कई विद्यालयों का सात शिक्षक सेवानिवृत्त हुए हैं। जिनके स्थान पर शिक्षकों की कमी से पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है। वर्ग छह एवं वर्ग आठ के छात्र- छात्राओं के बीच पठन- पाठन का कार्य शुरू कर दिया गया है।जिसको लेकर शिक्षकों के कमी छात्रों एवं अभिभावकों को महसूस हो रही है और ग्रामीण चिंतित दिखाई पड़ रहे है।पूरे प्रखंड में 73 मध्य विद्यालय एवं 109 प्राथमिक विद्यालय है।प्रखंड के प्रोन्नत मध्य विद्यालय बिशनपुर,लकड़ा, धर्मायचक सहित कई विद्यालय बच्चों के अनुपात में शिक्षकों का घोर अभाव चल रहा है।प्रखंड में कई ऐसे भी विद्यालय है जहां शिक्षक काफी अधिक है तो बच्चे काफी कम,कई विद्यालयों में बच्चे अधिक है तो तो शिक्षकों की संख्या काफी कम है। प्रारंभिक विद्यालयों में वर्ग कक्षा छठा से लेकर अष्टमा तक आठ फरवरी से पठन-पाठन कार्य प्रारंभ करा दिया गया है।बच्चों के अनुपात में शिक्षकों की घोर कमी की वजह से पठन-पाठन पर असर पड़ रहा है।बताया जा रहा है एक फरवरी से लेकर 13 फरवरी तक इंटर की परीक्षा एवं फिर 17 से 24 फरवरी तक मैट्रिक की परीक्षा में भी 98 शिक्षकों को ड्यूटी लगाया गया है।शिक्षकों से ही परीक्षा, चुनाव एवं बीएलओ आदि कार्यों में लगाए जाने से भी विद्यालय खुलने के बाद भी पठन-पाठन पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है।सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की बात कर रही है।दूसरी ओर विद्यालयों में बच्चे के अनुपात में शिक्षकों की और कमी की वजह से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर प्रश्नचिन्ह उठ खड़ा हो रहा है।
रिपोर्ट: कुमुद रंजन राव

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