दिव्यांशु राठौर की रिपोर्ट
शंभुगंज (बांका) : महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार योजना के तहत विकास करने की योजना सिर्फ कागज पर दिख रही है,धरातल पर नहीं प्रखंड में मनरेगा योजना सिर्फ लूट-खसोट की योजना बनकर रह गई है इस क्रम में मनरेगा गड़बड़झाला का एक मामला सामने आया है योजना कार्य धरातल पर शून्य है,और संपूर्ण राशि की निकासी हो गई है वित्तीय वर्ष 2020 - 21 में मनरेगा योजना के तहत योजना संख्या 0545003/RC/20412104 से पशु अस्पताल से बीआरसी होते हुए आईटी भवन के पीछे पुल तक पीसीसी सड़क की 9 लाख 99 हजार की राशि स्वीकृत किया गया। योजना में काम धरातल पर नहीं हुआ,और पीसीसी सड़क का निर्माण बिना कार्य कराए ही 8 लाख 4 हजार 588 रूपया की निकासी हो गई यह मामला उजागर होने के बाद पंचायत प्रतिनिधियो से लेकर संबंधित सरकारी कर्मी तक में खलबली मच गई आश्चर्य तो यह है कि निर्माण कार्य एजेंसी द्वारा इस योजना में कूल 756 मनरेगा श्रमिकों को दिखा राशि की निकासी की है अचरज तो यह है कि पंचायत समिति की योजना में तत्कालीन पंचायत समिति सदस्य सौम्या कुमारी ने अनभिज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रखंड में जितनी योजनाएं हुई ,समिति सदस्य को दूर रखा गया इसका तो उच्चस्तरीय जांच के बाद ही पता चल सकता इस मामले का खुलासा तब हुआ जब समीप के कस्तूरबा विद्यालय के वार्डन सड़क समस्या लेकर प्रखंड प्रमुख के पास पहुंचे प्रमुख ने जब प्राकलन तैयार करने विभाग के जेई को कहा तो गड़बड़झाला का मामला सामने आया इस संबंध में प्रमुख सुमन कुमार सुमन ने बताया कि यह गंभीर मामला है संबंधित पदाधिकारियों के साथ बैठक कर पड़ताल की जाएगी योजना कार्य एजेंसी तत्कालीन पीआरएस घनश्याम ठाकुर से पूछने पर बताया कि इस योजना में कुछ काम हुआ है,और कुछ दूसरे जगहों पर हो गया है पीओ मुरलीमनोहर ने बताया कि मामले की जांच की जाएगी फिलहाल पशु अस्पताल से बीआरसी होते हुए नई प्रखंड के पीछे पुल तक पीसीसी सड़क निर्माण कार्य में बिना निर्माण कार्य के ही राशि की निकासी कर लिए जाने के बाद पंचायत प्रतिनिधि से लेकर पीआरएस ,कनीय अभियंता व संबंधित पदाधिकारी जांच के घेरे में है।

0 Comments
आप सभी हमें अपना कॉमेंट / संदेश भेज सकते हैं...