बांका:सोमवार को सरकारी पोखर के दाखिल खारीज का मामला चंपारण नीति में छपने के बाद प्रखंड मुख्यालय सहित सिलजोरी,कोरिया,बिरनिया पंचायत के भूमाफिया की नींद उड़ गई है। वही अंचल कार्यालय भी अब दाखिल खारिज करने में काफी सावधानी रख रही है।चौधरी बांध के दाखिल खारीज मामले की जांच के पहले चरण में जो बात सामने आई है वह औऱ भी चौकाने वाला है। अंचलाधिकारी प्रशांत शांडिल्य ने बताया कि बांध का दाखिल खारिज 89-90 में ही किया गया है।उसकी अनदेखी करते हुए औऱ बिना जमाबंदी का जांच किये पूर्व के अंचलाधिकारी ने बर्ष 19 में योजना के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र भी जारी कर दिया था। इतना ही नही उसी अजीम शेख के नाम से चांदन मौजा सहित नावाडीह मौजा में भी 89-90 कई जमाबंदी का निर्माण हुआ है। जिसकी पंजी दो में जमाबंदी सृजन का कोई कारण उल्लेखित नही है। जिससे साफ जाहिर है कि ऐसा जमाबंदी फर्जी केबाला,फर्जी हुक्मनामा,औऱ फर्जी बंदोबस्ती के आधार पर बिना कोई जांच के किया गया है। और उसी आधार पर आज तक रसीद निर्गत किया जा रहा है। ऐसी जमाबंदी की जानकारी कोई भी व्यक्ति अंचल कार्यालय को दे सकते है। और सभी संदेही जमाबंदी की जांच कर उसे रद करने के लिए अपर समाहर्ता को भेजा जाएगा।सोमवार को चंपारण नीति में खबर छपने के बाद नावाडीह के अविनाश सिंहा एंव जदयू नेता रजत सिंहा ने भी अपनी ख़तियानी जमीन का फर्जी जमाबंदी अजीम शेख के नाम गलत ढंग से कराने के मामले की जांच कर कार्यवाई करते हुए।उस फर्जी जमाबंदी को रद करने की मांग किया है।


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