बांका
:बिहार सरकार जहां आम लोगो से पोखर बचाने को लेकर लगातार प्रयासरत है।और लगभग गायब हो चुके या अतिक्रमण हो चुके पोखर को मुक्त कराने की पहल हो रही है। वही चांदन अंचल के द्वारा भूमाफिया की मिलीभगत से अंचल के दलालों द्वारा एक पोखर का ही दाखिल खारिज कर रसीद उसके नाम से निर्गत कर दिया गया है। इस बात की जानकारी आम लोगो को होते ही यह बात आग की तरफ फैल गयी।किसी अनहोनी की आशंका को देखते हुए अंचलाधिकारी प्रशांत शांडिल्य ने कहा कि यह कैसे हुआ और इसमे दोषी कौन है। इसकी रिपोर्ट अंचल निरीक्षक से मांगी गई है रिपोर्ट आते ही वह जमाबंदी रद्द कर दोषी पर कार्यवाई भी की जाएगी।ज्ञात हो कि प्रखंड मुख्यालय के पास देवघर चांदन पक्की सड़क के किनारे पीएचईडी पानी टंकी के बगल में काफी पुराना चौधरी बांध था जिसका खाता 176 खसरा 970,971,973 रकवा 2 एकड़ 74 डिसमिल गेर मजरुआ मोकरीरदार खतियान में पोखर एंव पोखर का पिड दर्ज है।इस पोखर में सरकारी योजना से मिट्टी कटाई औऱ सड़क निर्माण के लिए अंचल कार्यालय द्वारा पत्रांक 8 दिनांक 3 जनवरी 2019 में अनापत्ति प्रमाणपत्र के बाद काम भी पूरा किया गया है। लेकिन अंचल कार्यालय में तैनात कुछ दलाल किस्म के लोगो औऱ भूमाफिया की मिलीभगत से उसी पोखर की जमाबंदी सीसीए के आरोपी सह भूमाफिया रूपसान शेख के पिता अजीम शेख के नाम से दर्ज कर दिया गया। औऱ 2015 से रसीद भी निर्गत कर दिया गया है। जबकि अजीम शेख की मृत्यु भी काफी पूर्व जो चुकी है। अब अगर दाखिल खारिज अजीम शेख के नाम पूर्व में था तो अनापत्ति 2019 में कैसे निर्गत किया गया।इससे साफ जाहिर है कि अंचल कार्यालय के मिली भगत से सरकारी पोखर को बिना किसी जांच पड़ताल के मोटी रकम लेकर कर दिया गया है। काफी विवाद होने के बाद आनन फानन में अंचल कार्यालय द्वारा उस जमाबंदी को तत्काल रोक लगा दिया गया है। इतना ही नही इन दिनों अंचल कार्यालय कई दलाल औऱ भूमाफिया की मिलीभगत से सरकारी जमीन के साथ साथ किसी की भी जमाबंदी से नाम गायब करना,नया नाम चढ़ाना औऱ खाता खसरा से भी छेड़छाड़ लगातार हो रही है। और इसकी शिकायत पर अंचल में सुधार के नाम पर भी वही दलाल वसुली अभियान चलाते है। औऱ लोगों को बेबजह परेशानी के साथ साथ आर्थिक दोहन का भी शिकार होना पड़ता है।

0 Comments
आप सभी हमें अपना कॉमेंट / संदेश भेज सकते हैं...