दिव्यांशु राठौर की रिपोर्ट
शंभुगंज (बांका) : सरकार एक तरफ नेशनल हाइवे और स्टेट हाइवे से लेकर गांव - कस्बों में भी सड़कों का जाल बिछा रही है ।एक भी गांव मुख्य सड़क से जुड़ने से वंचित न रहे , इस पर सरकार जोर - शोर से काम कर रही है। इसके विपरीत सड़क निर्माण के आड़ में सरकारी राशि लूट - खसोट का भी काम उतने ही तेजी से चल रहा है ।सड़क निर्माण कार्य में बड़े पैमाने पर अनियमितता का खेल शुरू है। इसके लिए ग्रामीण विभाग को जगाने के लिए प्रदर्शन तक कर रही है , लेकिन जिम्मेदार पर इसका कोई असर नहीं पड़ रहा है।शंभुगंज के गंगटी नदी से कैथा गांव होते हुए भागलपुर सीमा तक सड़क निर्माण में अनियमितता का खेल शुरू है। वहीं शंभुगंज झखरा नहर मोड़ से खेसर - तारापुर जिलानी मार्ग तक जोड़ने वाली प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में भी बड़े पैमाने पर अनियमितता देखी जा रही है। करीब नौ किलोमीटर लम्बी सड़क निर्माण के लिए सरकार भारी भरकम राशि करीब 6.79 करोड़ खर्च कर रही है। इस लम्बी सड़कों पर छोटी - बड़ी छह पुलिया का भी निर्माण होना है। पिछले एक पखवारे से निर्माण कार्य शुरू हो गया है। शुरूआती दौर में अनियमितता यह देखी जा रही है कि संवेदक पहले से बनी सड़क के अलकतरे को जेसीबी से उखाड़ रहे हैं , और वहीं पुरानी गिट्टी और मौरंग को छोड़ रोलर से दबाने का काम कर रहे हैं। ताकि उस पर अलकतरे का लेप चढ़ाकर चमकाने का काम करेंगें। ताकि पदाधिकारियों और ग्रामीणों के नजरों से बच सके ।वहीं झखरा गांव के समीप पुलिया निर्माण तो शुरू है , लेकिन पुलिया के बेस में भी अनियमितता बरती जा रही है।ग्रामीणों ने बताया कि निर्माण कार्य के संवेदक दिन के उजाले में नहीं , बल्कि शाम ढलने के बाद काम कराते हैं ।बताया कि यदि इस प्रकार सड़क निर्माण हुआ तो साल भर के अंदर फिर लोग सड़क पर हिचकोले खाने पर विवश होंगे। जिला जनजागरण अभियान समिति के संयोजक रामजी यादव सहित अन्य ने इसकी शिकायत सीधे पीएमओ में करने की बात कही है। इस संबंध में कनीय अभियंता सुमित कुमार ने बताया कि अभी तो काम की शुरूआत हुई है। ग्रामीणों की शिकायत की जांच की जाएगी। सड़क निर्माण कार्य सरकार के मानक पर होगा।


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