प्रखंड में पीएचइडी का जलमीनार पड़ा बीमार , पेयजल के लिए तरस रहे ग्रामीण

प्रखंड में पीएचइडी का जलमीनार पड़ा बीमार , पेयजल के लिए तरस रहे ग्रामीण

दिव्यांशु राठौर की रिपोर्ट


शंभुगंज (बांका) :  प्रखंड क्षेत्र में पीएचइडी विभाग से बने जलमीनार की स्थिति ठीक नहीं है। क्षेत्र का अधिकांश जलमीनार महिनों से बीमार है।जिस कारण ग्रामीणों को पेयजल के लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गुलनी-कुशाहा पंचायत के वार्ड संख्या पांच , छह , सात , आठ एवं नौ में जलमीनार पिछले चार वर्षों से शोभा की वस्तु बनकर रह गई है। ग्रामीणों ने बताया कि पीएचइडी विभाग द्वारा लाखों की राशि खर्च कर जलमीनार तो बना दिया , लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी ग्रामीणों को इस जलमीनार से एक बूंद पानी नसीब नहीं हो रहा है। बताया कि किसी वार्ड में जलमीनार है तो पाइप लाइन नहीं है तो कहीं बिजली कन्केशन आपूर्ति में बाधा है। इस पंचायत के आधे दर्जन वार्डों में नल जल योजना सिर्फ कागजों पर संचालित हो रहा है। वहीं ग्राम पंचायत कुर्मा के वार्ड संख्या 13 और 14 में भी पीएचइडी की हालत बदतर है। वार्ड संख्या 13 में करीब सौ से भी अधिक घर है।जिसमें मात्र एक तिहाई लोगों को पानी मिल रहा है। बांकि तीन तिहाई लोग नल जल योजना के लाभ से वंचित है। वार्ड संख्या 14 में सौ से भी अधिक घर है। जिसमें मुश्किल से दो दर्जन घरों को पानी आपूर्ति हो रही है ।बांकि लोग इस लाभ से वंचित हैं।इसके बावजूद भी पिछले तीन सप्ताह से जलमीनार से जलापूर्ति ठप है।विभाग के लचर व्यवय्था से खिन्न रविवार को कुर्मा के ग्रामीणों ने जलमीनार के समीप प्रदर्शन किया। ग्रामीण बिनोद प्रसाद सिंह , रामसेवक सिंह , प्रभुनाथ सिंह , निंबू सिंह , अवध सिंह , रावेद्र सिंह , रामकिशोर सिंह सहित अन्य ने बताया कि विभाग की लचर व्यवस्था के कारण ग्रामीणों को मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है। बताया कि जब भी समस्या की शिकायत विभाग से करते हैं तो पदाधिकारियों पर कोई असर नहीं पड़ता है।जिस कारण ग्रामीणों को पानी पीने के लिए भी तरसना पड़ रहा है। बताया कि यदि अविलंव समस्या समाधान नहीं होता है तो आंदोलन तेज होगा। इस संबंध में विभाग के कनीय अभियंता मिंटू कुमार ने बताया कि समस्या समाधान के लिए प्रयासरत हैं , जल्द ही जलापूर्ति बहाल कर दी जाएगी।


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