आवास सहायक को 15 हज़ार नही देने पर अधूरा रह गया आवास

आवास सहायक को 15 हज़ार नही देने पर अधूरा रह गया आवास

पंकज सिंह की रिपोर्ट
संग्रामपुर, (मुंगेर):एक तरफ जहां देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2022 तक प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत गरीबों को झोपड़ी से हटाकर घर देने का सपना संजोये बैठे थे। वहीं सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर प्रखंड क्षेत्र के ददरीजाला पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभुकों से संबंधित पंचायत के आवास सहायक धीरज कुमार पर अवैध वसूली करने का मामला सामने आया है। ददरीजाला पंचायत में आवास योजना पर भ्रष्टाचार की नजर लग गई है। कहीं इस योजना के नाम पर लाभुकों से पैसे की उगाही की जा रही है, तो कहीं ऐसे - ऐसे लोगों को इसका लाभ दे दिया जा रहा है, जो इसके वास्तविक हकदार नहीं है। और जो वास्तविक हकदार है, उन्हें दर - दर की ठोकरें खानी पड़ रही है। इन सभी बातों से अनजान संबंधित विभाग के पदाधिकारी इस पर मौन बैठे हुए हैं। इससे साफ प्रतीत होता है कि पदाधिकारियों एवं आवास योजना के लिए नियुक्त आवास सहायक की मिलीभगत से लाभुकों से अवैध वसूली की जा रही है। ददरीजाला पंचायत में इन दिनों आवास योजना "अंधेर नगरी चौपट राजा" की कहानी को चरितार्थ कर रही है। गरीबों के हित में संचालित आवासीय योजनाएं दलालों की भेंट चढ़ रही हैं। ददरीजाला पंचायत के वार्ड नंबर सात खम्हार गाँव के लाभुक मीणा देवी पति संजय राय, आरती देवी पति सिट्टू राय सहित अन्य लाभुकों ने आवास योजना में अवैध उगाही का आरोप आवास सहायक धीरज कुमार पर लगाते हुए कहा कि योजना के तहत दी जाने वाले दूसरे किस्त के देने से पहले 15 हजार रुपए माँगी जा रहीं हैं। लाभुकों का आरोप है कि अवैध उगाही होने से आवास निर्माण को धनराशि कम पड़ गई है। लाभुकों ने बताया कि संबंधित पंचायत के मुखिया से भी कई बार इस समस्या को लेकर गया परंतु उनके द्वारा भी सिर्फ आश्वासन मिलता रहा। विदित हो कि लगातार प्रखंड क्षेत्र में प्रखंड विकास पदाधिकारी के द्वारा जल्द से जल्द आवास योजना के तहत लाभुकों को मकान बनाने का निर्देश दिया जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ आवास सहायक के द्वारा जियो टैग के नाम पर पहले ही लाभुकों से पैसे का मांग किया जा रहा हैं। मालूम हो कि पिछले वर्ष प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 75वां स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले से देश की जनता को संबोधित करते हुए आवास योजना पर अपनी बात रखते हुए कहा कि गरीबों को अपना पक्का घर देने का ये अभियान सिर्फ एक सरकारी योजना मात्र नहीं है। ये गांव को, गरीब को विश्वास देने की प्रतिबद्धता है। ये गरीब को गरीबी से बाहर निकालने, गरीबी से लड़ने की हिम्मत देने की पहली सीढ़ी है। जब गरीब के सिर पर पक्की छत होती है, तो वो अपना पूरा ध्यान बच्चों की पढ़ाई और दूसरे कामों में लगा पाता है। जब गरीब को घर मिलता है, तो उसके जीवन में एक स्थिरता आती है। इसी सोच के साथ हमारी सरकार पीएम आवास योजना को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। वह इस संदर्भ में अनुमंडल पदाधिकारी तारापुर रंजीत कुमार से जब बात की गई तो उन्होंने बताया कि अगर इस तरह की बात सामने आ रही है तो जांच के उपरांत आवास सहायक पर उचित कार्रवाई की जाए

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