हिंदू और मुस्लिम का समागम स्थल है बेलारी का उर्स मेला

हिंदू और मुस्लिम का समागम स्थल है बेलारी का उर्स मेला

दिव्यांशु राठौर की रिपोर्ट



शंभुगंज (बांका) :  प्रखंड क्षेत्र के बेलारी गांव के खानकाह का चर्चित उर्स मेला हिंदू और मुस्लिम का समागम स्थल है। इस मेले में सभी लोग जाति , धर्म को भूलकर तीन दिनों तक सिर्फ एकता का पैगाम देने की बाते करते हैं। खानकाह में चल रहे तीन दिवसीय उर्स मेले के दूसरे दिन सोमवार को गागर शरीफ का रस्म अदा हुआ। जिसमें निष्ठा के साथ घड़े में शर्बत तैयार किया गया। मजार पर शर्बत से भरी घड़े को मजार पर चढ़ाया गया। मजार पर फातिमा खातिनी के बाद प्रसाद के रूप में शर्बत को लोगों के बीच वितरण किया गया।इस अवसर पर बाबा भोला साह के वंशज अलीम ने एकता का पैगाम दिया। शाम में भागलपुर , मुंगेर इत्यादि अन्य शहरों से आए कलाकारों द्वारा कव्वाली सुनाया गया।
खानकाह के उर्स मेला की सबसे विशेष खासियत है कि सर्व धर्म के लोगों की जूटान होती है। जहां एक साथ मजार पर शीश झुकाकर मन्नते मांगते हैं।इतना ही नहीं खानकाह परिसर में लगे मेले में भी बढ़चढ़कर  भाग लेते हैं। मेले में एक दर्ज से भी ऐसे हिंदू धर्म के दुकानदार अपनी दुकानें सजाए हैं , और सामान बिक्री कर रहे हैं । वहीं मेला का जायजा लेने बीडीओ प्रभात रंजन , सीओ अशोक कुमार खानकाह पहुंचे । वहीं मौलाना और समिति सदस्यों से मिलकर जानकारी ली । बीडीओ ने आमलोगों से मेला शांति और सौहार्द पूर्ण माहौल में मनाने की अपील किया। 


Post a Comment

0 Comments