दिव्यांशु राठौर की रिपोर्ट
शंभुगंज (बांका) : सड़क दुर्घटना में युवक की दर्दनाक मौत मामले के दूसरे दिन भी चटमा बाजार के साह टोले के एक भी घर में चूल्हे नहीं जले। गांव में मातमी सन्नाटा पसरा रहा। बुधवार को बांका सदर अस्पताल से पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही लालटूस का शव गांव पहुंचा , स्वजनों का चीख - पुकार शुरू हो गया।करूण क्रंदन देख उपस्थित लोगों की आंखे नम हो गया। इस घटना को कई लोग काल का चक्र बता रहे थे तो कोई ट्रक चालक को कोस रहे थे। ग्रामीण स्वजनों को दिलासा देने में जूटे रहे ।मृतक लालटूस के चाचा सुरेंद्र साह की पुत्री विनीता कुमारी की शादी बुधवार को होनी थी। शादी की तैयारी लगभग पूरा हो गया था। घर में डेकोरेटिंग का काम अंतिम चरण पर था। बहन की शादी के बाद ससुराल जाने की भी तैयारी जोरों पर थी। अचानक हादसे से सभी अरमानों पर पानी फेर दिया। दोपहर जैसे ही लालटूस की अर्थी उठी बहन विनीता कुमारी , छोटी कुमारी सहित अन्य स्वजन दहाड़ मारने लगे। बुजुर्ग पिता महेंद्र साह और मां भासो देवी की आंखों से माने आंसू गायब हो गया। सड़क हादसे में युवक की मौत मामले के 30 घंटे के बाद भी थाने में केस दर्ज नहीं हुआ है। हलांकि पुलिस ने घटना के तुरंत बाद ट्रक चालक सुबोध शर्मा को हिरासत में लेते हुए ट्रक को जब्त कर लिया। थानाध्यक्ष पंकज कुमार राउत ने बताया कि अभी तक पीड़ित स्वजनों द्वारा कोई लिखित शिकायत नहीं की है । शिकायत मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मृतक लालटूस के चाचा सहेंद्र साह , बड़े भाई राजेश साह सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि ओवरलोड वाहन चालकों पर लगाम नहीं रहने के कारण आज होनहार युवक की जान चली गई। यदि प्रशासन दिन में भारी वाहनों पर रोक नहीं लगाती है तो आंदोलन तेज होगा।
इधर प्रखंड प्रमुख सुमन कुमार सुमन ने जिलाधिकारी से नो इंट्री , घनी आबादी में स्पीड ब्रेकर लगाने की मांग की है।मंगलवार की सुबह ज्वेलरी दुकानदार लालटूस की मौत रायपुरा गांव के समीप हो गई। लालटूस रोज की तरह घर से अपनी दुकान करहरिया जाने के लिए घर से निकला था। उक्त स्थान के समीप बेकाबू ट्रक ने युवक को कुचल दिया। जिससे घटना स्थल पर ही युवक ने दम तोड़ दिया। घटना से आक्रोशित स्वजनों के साथ ग्रामीणों ने करीब 10 घंटे तक सड़क जाम रखा।इस बीच शव वाहन के साथ एंबुलेस का मार्ग भी बाधित कर दिया। पुलिस निरीक्षक सुवोध राव सहित अन्य स्थानीय प्रशासन के लाख समझाने पर भी ग्रामीणों पर असर नहीं पड़ा। अंत में बांका एसडीपीओ के पहल पर लोगों का आक्रोश थमा।इस घटना के एक सप्ताह पूर्व 13 जनवरी को पाकुड़ के व्यवसाई मु अब्दुला को बेकाबू हाइवा ने कुचल दिया था।इसके पहले 18 जनवरी को द्वारिका अमृत अशर्फी उच्च विद्यालय के समीप झखरा के युवक लाले राम एवं 19 जनवरी को कलिया पुल के समीप अमरपुर के विदुआ निवासी राम मंडल की मौत सड़क हादसे में हुई थी।

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