पाटलिपुत्र की धरती पर 25 व 26 मार्च को बहेगी साहित्य संस्कृति की धारा, चन्द्रगुप्त साहित्य महोत्सव की तैयारी परवान पर

पाटलिपुत्र की धरती पर 25 व 26 मार्च को बहेगी साहित्य संस्कृति की धारा, चन्द्रगुप्त साहित्य महोत्सव की तैयारी परवान पर



पटना : पटना के स्काउट्स एंड गाइड्स परिसर में आगामी 25 और 26 मार्च, 2023 को राष्ट्रीय स्तर का साहित्य महोत्सव का भव्य आयोजन चंद्रगुप्त साहित्य महोत्सव के रूप में किया जा रहा है। महोत्सव के दौरान कई शीर्षस्थ साहित्यकार, चिंतक और संस्कृतिकर्मी भाग लेंगे। महोत्सव का उद्घाटन प्रदेश के महामहिम राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर करेंगे। दो दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव के दौरान बारह समानांतर सत्र आयोजित किये जायेंगे। इसके अलावा कवि सम्मेलन और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे। सोमवार को आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए स्वागत समिति के उपाध्यक्ष प्रो. श्याम शर्मा ने कहा कि 25 मार्च को कार्यक्रम का उद्घाटन सुबह 09ः30 बजे महामहिम के कर-कमलों से होगा। 12 बजे से सत्र प्रारंभ होंगे। 12 बजे से 01ः30 बजे तक 3 समानांतर सत्र चलेंगे। जिसे क्रमशः साप्ताहिक ‘ऑर्गनाइजर’ के संपादक प्रफुल्ल केतकर, प्रख्यात साहित्यकार प्रो. अवनिजेश अवस्थी और डॉ. इंदुशेखर तत्पुरुष संबोधित करेंगे। इसी प्रकार भोजनोपरान्त के सत्रों में डॉ. आशीष कंधवे, डॉ. उदय प्रताप सिंह, प्रो. योगेंद्र प्रताप सिंह तथा डॉ. बुद्धिनाथ मिश्र उपस्थित रहेंगे। 25 मार्च को ही शाम में कवि सम्मेलन और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। कवि सम्मेलन में प्रख्यात कवि शंभू शिखर, गजेंद्र सोलंकी, कवियत्री डॉ. रुचि चतुर्वेदी, पूनम वर्मा एवं आराधना प्रसाद आदि उपस्थित रहेंगे। सांस्कृतिक कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय भोजपुरी सम्राट भरत शर्मा ‘व्यास’ और महाकवि विद्यापति की पदावली पर आधारित नृत्य नाटिका की प्रस्तुति होगी। 26 मार्च को सुबह 9 बजे से ही सत्र प्रारंभ होंगे। ‘लेखक से मिलिए’ कार्यक्रम में प्रख्यात लेखक डॉ. विकास दवे, डॉ. नीरजा माधव और डॉ. बुद्धिनाथ मिश्र अपने लेखन कला एवं उसमें आनेवाली चुनौतियों के बारे में बताएंगे। समानांतर सत्र में डॉ. क्षमा कौल, प्रो. रामवचन राय और डॉ. विजय कुमार मिश्र उपस्थित रहें।

रिपोर्ट: के आर राव

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