शंभुगंज में थम नहीं रहा है बालू , दारू , लकड़ी और पशु तस्करी का खेल , उदासीन शासन - प्रशासन

शंभुगंज में थम नहीं रहा है बालू , दारू , लकड़ी और पशु तस्करी का खेल , उदासीन शासन - प्रशासन

दिव्यांशु राठौर की रिपोर्ट


शंभुगंज (बांका) : थाना क्षेत्र में इन दिनों बालू , शराब तस्करी के साथ लकड़ी और पशु तस्करी का खेल बदस्तूर जारी है। जीवनदायनी बदुआ एवं लोहागढ़ नदी से बालू उत्खनन अधिक हो रहा है। जिससे क्षेत्र का जलस्तर तेजी से नीचे की तरफ जा रहा है। जिसका परिणाम है कि मार्च के शुरू में ही कुआं और चापानल सूखते जा रही है। गुलनीकुशाहा , छत्रहार इत्यादि अन्य पंचायतों में अधिकांश चापानल फेल हो गया है। वहीं शराब तस्करी का धंधा तो इससे भी अधिक है। प्रशासन द्वारा लाख जागरूकता के बावजूद भी नशेड़ियों पर इसका कोई असर नहीं हो रहा है। एक सप्ताह के अंदर करीब 50 लीटर से भी अधिक देसी और विदेशी शराब जब्त हुआ। साथ ही कई शराबी भी पुलिस के हत्थे चढ़ा ।इसके अलावा इन दिनों हरे पेड़ों की भी कटाई खूब हो रही है। पर्यावर्ण संरंक्षण का कोई असर लोगों पर नहीं हो रही है। आश्चर्य तो यह है कि लकड़ी तस्करों पर लगाम कसने में प्रशासन उदासीन है। तस्कर दिन के उजाले में भी ट्रैक्टर पर लकड़ी लादकर थाना और अंचल के सामने से पार करते हैं। सोमवार को ईंगलिशमोड़ - असरगंज सड़क पर कई लकड़ी लदा ट्रैक्टर देखा गया।पशु तस्करी का धंधा तो पहले से फल - फूल रहा है। करीब एक माह पूर्व रायपुरा गांव के समीप मवेशियों से लदा कंटेनर पलट गई थी जिसमें एक मवेशी की दबकर मौत हो गई थी , जबकि आधे दर्जन जख्मी हुए। ग्रामीणों ने एक पशु तस्कर को पकड़ पुलिस को भी सुपुर्द किया। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।समाजवाद के चिंतक धीरेंद्र यादव , जनजादरण अभियान समिति के संयोजक रामजी यादव , अधिवक्ता आत्मानंद सहित अन्य ने बताया कि पुलिस को तस्कर गिरोह पर सख्ती से पालन करने की जरूरत है। इस संबंध में थानाध्यक्ष पंकज कुमार राउत ने बताया कि इसके खिलाफ लगातार छापेमारी अभियान जारी है।

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