परसिया के दो मजदूर लौटे वापस दहशत में है कई परिवार

परसिया के दो मजदूर लौटे वापस दहशत में है कई परिवार

बांका: चांदन प्रखंड के गौरीपुर पंचायत अंतर्गत परसिया गांव में होली की खुशी तामिलनाडु की घटना को लेकर दहशत में चला गया है। ज्ञात हो कि इस गांव से करीब 200 मजदूर तामिलनाडु के विभिन्न शहरों में किसी न किसी रूप में मजदूरी करते है।घटना के बाद अपने स्वजनों की चिंता में कई घरों में लोगो की नींद उड़ गई है। तो कई घरों में खाना बनाना भी बंद हो गया है। घटना के बाद गांव लौटे बलि तांती और केशरी तांती जब शनिवार रात गांव लौटे तो गांव के लोगो की भीड़ अपने स्वजन का हालचाल लेने उसके घर जमा होने लगे।जागरण प्रतिनिधि ने भी बलि तांती के घर जाकर जानकारी लेने पर बलि तांती ने घटना के बारे में बताया कि वह खुद चेन्नापेटम में एक परिवार के घर  खाना बनाने का काम करता है।वहां से कुछ ही दूरी ओर गोपालपुरम में बिहार के बैशाली के दो युवक को स्थानीय चार पांच लड़को ने मिल कर मार डाला जान मारने का कारण क्या था।उसे नही पता। लेकिन हिंदी भाषी के साथ मारपीट की घटना शहरी क्षेत्रों में कम और ग्रामीण क्षेत्रो में अधिक हो रही है।पहले इस तरह की कोई बात नही होती थी औऱ सभी एक साथ मिलजुल कर काम करते थे। इस घटना के बाद इस गांव के अन्य मजदूर गाड़ी पकड़ कर वापस आ रहे है और कुछ आने की तैयारी में है।जिसके स्वजन आज भी तमिलनाडु में है और वापस आने का प्रयास कर रहे है वैसे स्वजन उसे अपने घर से भाड़ा भेज कर जल्दी आने की बात कर रहे है। जिससे स्वजन को शांति मिल सके।केशरी तांती कहते है कि परिवार से दूर रह कर वहां अच्छी खासी कमाई कर लेते थे। लेकिन अब वहां से भागना पड़ा।लेकिन अगर स्थिति ठीक हुई तो एक बार फिर वहां जाकर ही काम करेंगे। 



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