पहड़ी खजूरी और तेलगामा में पीएचइडी के जलमीनार से ग्रामीणों की नहीं बुझ रही प्यास

दिव्यांशु राठौर की रिपोर्ट 



 शंभुगंज (बांका) : प्रखंड क्षेत्र में भीषण गर्मी में पेयजल एक गंभीर समस्या बन गई है। प्रखंड के लगभग सभी पंचायतों में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। जलस्तर नीचे जाने से अधिकांश चापानल जबाव दे चुकी है , और कुंआ खुद की प्यासी हो गई है।इस क्रम में पहड़ी खजूरी और तेलगामा गांव में पानी के लिए ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है ।पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण जलस्तर काफी नीचे चला गया। पीएचइडी विभाग का एक जलमीनार है , जो एक मात्र सहारा है। उसमें भी विभाग की शिथिलता से आधी आबादी को नल का जल नसीब नहीं हो रहा है। ग्रामीण अभिनाश कुमार , बालकिशोर सिंह , गुणेश्वर सिंह , तारकेश्वर सिंह सहित अन्य ने बताया कि गांव में पेयजल की घोर किल्लत पर विभाग द्वारा चार वर्ष पहले जलमीनार खड़ा किया। जलापूर्ति भी बहाल हो गया , लेकिन आज तक करीब दो दर्जन घरों में जलापूर्ति नहीं हो सका। इसका कारण है कि इस जलमीनार से जलापूर्ति पहड़ी मोहनपुर और तेलगामा दो टोला में होती है।जलमीनार के नजदीक कुछ घरों तक तो पाइप लाइन ठीक रहने से पानी मिलती है , लेकिन आगे पाइप - लाइन जर्जर हो गई है। जिससे दूर के घरों में जलमीनार का पानी नहीं पहुंचती है।इस समस्या के लिए कई बार पीएचइडी विभाग के अधिकारी से लेकर जिला में कहा गया , लेकिन आज तक आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला। आक्रोशित ग्रामीणों ने बताया कि यदि अविलंव समस्या समाधान नहीं होता है तो आंदोलन तेज होगा। विभाग के कनीय अभियंता मिंटू कुमार ने बताया कि अधिकांश जगहों पर पाइप लाइन को क्षतिग्रस्त कर लाभुक बिजली मोटर का उपयोग करते हैं। जिस कारण प्रेशर कमजोर रहता है।जल्द ही समस्या समाधान करने की बात कही।

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