दिव्यांशु राठौर की रिपोर्ट
शंभुगंज (बांका) : प्रखंड क्षेत्र में पीएचइडी विभाग की सिस्टम की लाचारी से आमलोगों की परेशानी बढ़ गई है ।भीषण गर्मी में क्षेत्र का जलस्तर पाताल की ओर जा रहा हैं। जिस कारण कूंआ और चापानल जबाब दे गई है ।चारो तरफ पानी के लिए हाहाकार है। वहीं कई जगहों पर विभागीय शिथिलता के कारण पेयजल बर्बाद हो रहा है। हम बात करते हैं गुलनी पंचायत के वार्ड संख्या छह की। इस वार्ड में बुनियादी विद्यालय के समीप पीएचइडी विभाग द्वारा पेयजल की व्यवस्था की गई है। जिससे इस भीषण गर्मी में वार्ड संख्या 5, 6,7,8, 9 के ग्रामीणों का पेयजल का एकमात्र सहारा है पर जगह - जगह पाइप लाइन जर्जर होने के कारण रोजाना हजारों लीटर पानी खेतों में बह कर बर्बाद हो रहा है। बुनियादी विद्यालय के समीप खेतों में जलजमाव इस तरह है कि सावन और भादो मास में भी ऐसा नजारा देखने को नहीं मिल रहा है। पाइप लाइन मरम्मत नहीं होने से गुलनी गांव के वार्ड के दर्जनों घरों में जलापूर्ति बंद है।नल से सिर्फ हवा निकल रही है। स्थानीय ग्रामीण मृत्युंजय सिंह , शिवनंदन सिंह,सदन सिंह, अनंत सिंह सहित अन्य ने बताया कि गुलनी गांव के लगभग वार्डों में इस जलमीनार का पानी पीने का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके बावजूद भी आधी आबादी को नल का जल नसीब नहीं हो रहा है। वही वार्ड संख्या चार में पाइप लाइन नहीं होने से दर्जनों घरों में जलापूर्ति ठप है।बताया कि विभाग के द्वारा सड़कों पर मात्र 13 पॉइंट ही लगाया गया है। बांकि ग्रामीण निजी खर्च कर घरों तक पानी लाने का काम किया। अब स्थिति है कि जलमीनार के समीप पीएचइडी का पाइप-लाइन जर्जर हो चुकी है। जिससे रोज हजारों लीटर पानी बर्बाद होता है। बताया कि इसकी शिकायत विभाग से किया , लेकिन कोई असर नहीं पड़ा। विभाग के सुस्ती के कारण पंचायतवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में विभाग के कनीय अभियंता मिंटू कुमार ने अविलंव पाइप लाइन मरम्मत कराने की बात कही है।


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