प्रखंड क्षेत्र में पीएचइडी का हाल बेहाल , मरम्मत के आभाव में चापानल को लोग खूंटे के रूप में कर रहे इस्तेमाल

प्रखंड क्षेत्र में पीएचइडी का हाल बेहाल , मरम्मत के आभाव में चापानल को लोग खूंटे के रूप में कर रहे इस्तेमाल

दिव्यांशु राठौड़ की रिपोर्ट


शंभुगंज (बांका) : प्रखंड में पीएचइडी विभाग की स्थिति दिन - प्रतिदिन बद से बदतर होते जा रही है।भीषण गर्मी में चारोतरफ पेयजल के लिए हाहाकार है , लेकिन विभाग को इसकी कोई चिंता नहीं है ।विभाग की उदासीनता के कारण आमलोगों को पेयजल के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रखंड के कूल 19 पंचायतों में पीएचइडी विभाग का करीब एक हजार से भी अधिक चापानल है। जिसमें दो सौ से भी अधिक चापानल बीमार है। कई जगहों पर तो विभाग की अनदेखी के कारण वर्षों से चापानल ठीक नहीं हो सका ।जिस कारण लोग चापानल में मवेशी बांधने का काम करते हैं। यह विभाग की घोर लापरवाही नहीं तो और क्या है।प्रखंड के करसोप , कुर्मा , रामचुआ , गुलनी , वैदपुर , मालडीह , वारसाबाद इत्यादि अन्य पंचायतों में अधिकांश चापानल बीमार है। इसमें सबसे खराब स्थिति भट्टाचक , मंझगाय , करंजा मुसहरी बस्ती की है। भट्टाचक के ग्रामीण गाजो तांती , नागो तांती , गौरव कुमार , जूना देवी , पारो देवी सहित अन्य ने बताया कि वार्ड संख्या 10 में करीब दो सौ घर है।इसके लिए पीएचइडी विभाग द्वारा चार चापानल दिया गया। मौजूदा स्थिति है कि सभी चापानल खराब है। बताया कि जलमीनार बनने के पहले शिकायत करने पर चापानल ठीक हो जाता था , लेकिन अब कोई सुनने वाला नहीं है ।जलमीनार से जलापूर्ति होती है , लेकिन जगह - जगह पाइप लिकेज के कारण अधिकांश नलों से पानी के बदले सिर्फ हवा निकलती है। यदि किसी कारण बिजली गायब हुई तो ग्रामीणों को पानी पीना मुश्किल है। ग्रामीणों ने चापानल मरम्मत करने की मांग की है।करसोप बाजार में भी दुर्गा मंदिर परिसर , मध्य विद्यालय सहित अन्य सभी चापानल मरम्मत के कारण खराब है। गर्मी के शुरूआती दौर में जिला प्रशासन के निर्देश पर चापानल मरम्मत के लिए चलंत टीम रवाना किया। जिसमें खराब  चापानल को ठीक करना चलंत टीम का उद्देश्य है ।इसके लिए कनीय अभियंता को खराब चापानल मरम्मत कराने की जिम्मेवारी दी गई। यहां मरम्मत के नाम पर सिर्फ कागजी कालम भरने का काम हुआ। जिसका परिणाम है कि सैकड़ों की संख्या में चापानल सिर्फ शोभा की वस्तु है ।पीएचइडी के जलमीनार की भी स्थिति ठीक नहीं है। भले इससे विभाग पर कोई असर नहीं पड़ रहे हों , लेकिन आमलोगों के समक्ष पेयजल एक गंभीर समस्या बन गई है।विभाग के खिलाफ लोगों में आक्रोश भी है। इस संबंध में विभाग के कनीय अभियंता मिंटू कुमार ने बताया कि चलंत टीम द्वारा खराब चापानल मरम्मत का काम किया जा रहा है। जिस गांव से शिकायत मिलती है , वहां तुरंत समस्या समाधान होता है।


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