दिव्यांशु राठौर की रिपोर्ट
शंभुगंज (बांका) : प्रखंड क्षेत्र के सरकारी विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था की स्थिति ठीक नहीं है। भले सरकार एमडीएम सहित विद्यालय की अन्य व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए प्रत्येक वर्ष भारी - भरकम राशि खर्च कर रही है , लेकिन दिन - प्रतिदिन हालत बदतर हो रही है। प्रोन्नत मध्य विद्यालय भलुआ की व्यवस्था तो और अधिक खराब है। इस विद्यालय में नामांकित बच्चों की संख्या करीब 150 है। साधन और संसाधन के कारण बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विद्यालय में मध्याह्न भोजन बनने के बाद पहले बच्चे थाली लूटने की होड़ मचा देते हैं। फिर थाली लेकर रसोईघर के समीप जाकर भोजन लेते हैं। भोजन करने के बाद खुद जु
ठी थाली धोते हैं , और पानी पीते हैं। इसके बाद बांकि बच्चे बच्चे भोजन करते हैं। यह सिलसिला एक दिन की नहीं , बल्की रोज की है। विद्यालय के छात्र सौरभ , आयुष , नयन , छात्रा प्रियंका , काजल , नेहा सहित अन्य ने बताया कि विद्यालय में पानी पीने के लिए एक भी बर्तन नहीं है। जिससे थाली से ही पानी पीना पड़ता है। इसके अलावा बच्चों के हिसाब से थाली भी प्रयाप्त नहीं है। जिस कारण परेशानी होती है । प्रत्येक विद्यालय में विद्यालय विकास मद का कोष है ।इसके बाद भी यह समस्या उत्पन्न है। संक्रमण दूर करने के लिए हाथ धुलाई और शुद्ध पेयजल इत्यादि जागरूकता सिर्फ कागजों पर चल रही है , धरातल पर तो कुछ और ही नजर आ रहा है। यह हाल सिर्फ भलुआ विद्यालय में नहीं , बल्कि प्रखंड के कमोवेश हरेक जगहों पर है। इस संबंध में विद्यालय प्रभारी सुकदेव यादव ने बताया कि संसाधन की कमी से बच्चों को परेशानी हो रही है।जल्द ही समस्या समाधान कर दी जाएगी। बीइओ आमोद कुमार ने जांच करने की बात कही है।
ठी थाली धोते हैं , और पानी पीते हैं। इसके बाद बांकि बच्चे बच्चे भोजन करते हैं। यह सिलसिला एक दिन की नहीं , बल्की रोज की है। विद्यालय के छात्र सौरभ , आयुष , नयन , छात्रा प्रियंका , काजल , नेहा सहित अन्य ने बताया कि विद्यालय में पानी पीने के लिए एक भी बर्तन नहीं है। जिससे थाली से ही पानी पीना पड़ता है। इसके अलावा बच्चों के हिसाब से थाली भी प्रयाप्त नहीं है। जिस कारण परेशानी होती है । प्रत्येक विद्यालय में विद्यालय विकास मद का कोष है ।इसके बाद भी यह समस्या उत्पन्न है। संक्रमण दूर करने के लिए हाथ धुलाई और शुद्ध पेयजल इत्यादि जागरूकता सिर्फ कागजों पर चल रही है , धरातल पर तो कुछ और ही नजर आ रहा है। यह हाल सिर्फ भलुआ विद्यालय में नहीं , बल्कि प्रखंड के कमोवेश हरेक जगहों पर है। इस संबंध में विद्यालय प्रभारी सुकदेव यादव ने बताया कि संसाधन की कमी से बच्चों को परेशानी हो रही है।जल्द ही समस्या समाधान कर दी जाएगी। बीइओ आमोद कुमार ने जांच करने की बात कही है।


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