जम्मू-कश्मीर के लेफ्टीनेंट गर्वनर पहुंचे पैतृक गांव भलुआ , ग्रामीणों ने गर्मजोशी के साथ किया स्वागत

जम्मू-कश्मीर के लेफ्टीनेंट गर्वनर पहुंचे पैतृक गांव भलुआ , ग्रामीणों ने गर्मजोशी के साथ किया स्वागत

दिव्यांशु राठौर की रिपोर्ट



 शंभुगंज (बांका) : एक दशक बाद जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा सोमवार को पैतृक गांव भलुआ पहुंचे। जहां ग्रामीणों ने उपराज्यपाल का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। सबसे पहले राज्यपाल का घर के परिसर में गार्ड आफ आनर से सम्मानित किया गया। फिर राज्यपाल लोगों का अभिवादन करते हुए सीधे चाची मांडवी का चरणस्पर्श कर आशीर्वाद लिया। वहीं उपराज्यपाल गांव के पुराने साथी , बुजुर्गों एवं शुभचिंतकों से विनम्र भाव से मिले। वे अपने पुराने अंदाज और ठेठ भाषा का हो धनंजय चौधरी नीक बारा ना , का हाल बा पारस , स्वास्थ्य तो ठीक बा इत्यादि संबोधन करते हुए बारी - बारी से अपने शुभचिंतरों से मिले। बीच-बीच में ग्रामीणों से अंगिका भाषा में भी बात कर रहे थे। इस दौरान ग्रामीणों से मिलकर गर्वनर कई बार भावुक भी हुए। ग्रामीणों ने भी रेल , सिंचाई , सड़क इत्यादि अन्य समस्याएं भी सामने रखा। जहां नित्यानंद शर्मा , मनोज सिंह सहित अन्य ने पौकरी के समीप बदुआ नदी में चेक डैम निर्माण कराने की मांग की। गुलनी के मुखिया मीनू सिंह , दिलमोहन सिंह, निराला सिंह, गोपाल सिंह, ने वैदपुर में बदुआ नदी पर अंग्रेजों द्वारा बनाया गया गुडबाल बांध के कायाकल्प करने की मांग रखी। बताया कि इस बांध से बांका एवं भागलपुर जिले के किसानों को सिंचाई सुविधा मिलेगी। पारसमणि , पंकज शर्मा सहित अन्य क्षेत्रवासी ने अधर में लटके सुलतानगंज , शंभुगंज होते हुए बांका रेलखंड परियोजना को चालू करवाने की मांग की। साथ ही भलुआ जिलानी सड़क को पीडब्ल्यूडी में परिणत करने की मांग की। ताकि आमलोगों को यातायात सुविधा का लाभ मिल सके। ग्रामीणों की समस्या सुन उपराज्यपाल ने समाधान करने का भरोसा दिलाया। इसके अलावा वंशीपुर के प्रेमचंद सिंह अपने पुत्र आर्मी जवान अनुज कुमार की मौत के सिलसिले में फरियाद लेकर पहुंचे। जिसमें बताया कि आर्मी जवान अनुज कुमार की मौत जम्मू कश्मीर के बदामीबाग सैन्य शिविर में हुई।अभी तक मौत का रहस्य नहीं मिला। कई लोगों ने अपनी समस्याएं रखी।वहीं उपराज्यपाल के साथ पत्नी नीलम सिन्हा , पुत्र अभिनव कुमार , पुत्रवधू दीपाली , भतीजी अनुष्का , आयुषी साथ थे।


खुद की तस्वीर देख हर्षित हुए उपराज्यपाल - भलुआ के आठवी कक्षा के छात्र सौम्यदीप कुमार ने अपनी कलम से मनोज सिन्हा का तस्वीर उकेर दिया। जब छात्र ने उपराज्यपाल को तस्वीर भेंट किया तो काफी खुश हुए , और छात्र की पीठ थपथपा दी।


सुबह से ही उपराज्यपाल के आने की बाट जोह रहे थे ग्रामीण - भलुआ के ग्रामीण सुबह से ही उपराज्यपाल के आने की बाट जोह रहे थे। कड़ाके की धूप के बावजूद भी ग्रामीण सिर पर गमछा और हाथों में लाठी लिए सड़क किनारे बैठे रहे। ग्रामीण गोपाल प्रसाद , रामस्वरूप सिंह , दामोदर , सचिदानंद सहित अन्य ने बताया कि जब यूपी के गाजीपुर के सांसद थे , तब मनोज सिन्हा गांव आए थे ।अब उपराज्यपाल बनकर आ रहे हैं। गांव के लिए इससे बड़ी बात और क्या हो सकती है।


सुरक्षा के थे पुख्ता इंतजाम - उपराज्यपाल के सुरक्षा व्यवस्था में चूक न हो इसके लिए पुलिस प्रशासन का सख्त पहरा था। भलुआ गांव मानों पुलिस छावनी में तब्दील हो गया हो। आवास के अलावा भलुआ चौराहा सहित अन्य जगहों पर पुलिस बल तैनात थे। अतिथियों , शुभचिंतकों द्वारा उपराज्यपाल के स्वागत के लिए लाए गए बूके अथवा अन्य उपहारों की मुख्य द्वार पर जांच होती थी। यहां तक की नाश्ता , भोजन सामग्री की जांच भी बारिकी से हो रही थी। सुरक्षा व्यवस्था में मुख्यालय डीएसपी मंगलेश कुमार थे। वहीं मुख्य रूप से डीडीसी कौशलेंद्र कुमार , एसडीओ अरूण कुमार , एसडीपीओ विपीन बिहारी , बेलहर एसडीपीओ प्रेमचंद सिंह के अलावा बीडीओ प्रभात रंजन , थानाध्यक्ष पंकज कुमार राउत सहित अन्य कर्मी मौजूद थे।


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