करंजा गांव में पेयजल से वंचित ग्रामीणों ने विभाग के खिलाफ किया प्रदर्शन

दिव्यांशु राठौर की रिपोर्ट 


शंभुगंज (बांका) : प्रखंड क्षेत्र में पेयजल एक गंभीर समस्या बन गई है। प्रखंड के लगभग सभी पंचायतों में जलसंकट गहराने लगी है। कई जगहों पर पर ग्रामीणों को पीने के लिए पानी भी नसीब नहीं हो रहा है। नल - जल योजना से भी ग्रामीणों की प्यास नहीं बुझ रही है। जिस कारण पेयजल के लिए हाहाकार मच गया है। इस क्रम में शुक्रवार को मालडीह पंचायत के वार्ड संख्या तीन एवं चार में पेयजल की समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों ने अव्यवस्था के खिलाफ प्रदर्शन किया।प्रदर्शन कर रहे धनिकलाल माझी , गुलाबी माझी , बंगाली माझी , कैलू माझी , कुशमा देवी , प्रमिला देवी , रूबी देवी सहित अन्य ने बताया कि करंजा के वार्ड संख्या तीन एवं चार में करीब 400 से भी अधिक घरों में जलसंकट गहरा गया है ।बताया कि मालडीह पंचायत को विश्वबैंक द्वारा पेयजल पिलाने की जिम्मेवारी मिला। इसके लिए पीएचइडी विभाग करंजा , बरौथा इत्यादि अन्य गांवों में जलमीनार बनाया गया।किसी तरह जलमीनार से जलापूर्ति  हो रही थी।पिछले तीन - चार दिनों से जलापूर्ति बंद है। जिससे ग्रामीणों को पानी पीने के लिए नहीं मिल रहा है। समस्या समाधान के लिए कई बार जनप्रतिनिधियों से लेकर विभाग के अधिकारी से बात किया।इसके बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई। बताया कि जलापूर्ति नहीं होने से भीषण गर्मी में स्नान करने की बात तो दूर भोजन पकाने के लिए भी पानी नसीब नहीं हो रहा है। गांव में एक चापाकल चलती थी ,  वह भी बंद हो गया। शुक्रवार को सभी ग्रामीण गोलबंद होकर हाथों में बाल्टी बर्तन लिए सड़क पर उतर पड़े , और व्यवस्था को कोसने लगे। गांव के बुद्धिजीवियों के समझाने पर लोग शांत हुए। आक्रोशित ग्रामीणों ने बताया कि यदि अविलंव समस्या समाधान नहीं होता है तो खेसर मुख्य सड़क को जाम किया जाएगा।इस संबंध में पीएचइडी विभाग के कनीय अभियंता मिंटू कुमार ने बताया कि एक दिन पहले अचानक बिजली मोटर जलने से परेशानी हुई है। बताया कि समस्या समाधान के लिए प्रयासरत हैं।


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