दिव्यांशु राठौर की रिपोर्ट
शंभुगंज (बांका) : सोमवार को शक्तिपीठ तिलडीहा दुर्गा मंदिर परिसर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच इस सत्र का अंतिम पाठाबलि पड़ा। जिसमें करीब 2400 पाठा बलि दी गई। सुबह से ही पाठाबलि के लिए श्रद्धालूओं का आना शुरू हो गया। जिस कारण मंदिर के मुख्य द्वार से लेकर बदुआ नदी किनारे तक लंबी कतारें लग गई। सात बजे से बलि प्रदान शुरू हुआ। यह सिलसिला दोपहर करीब 12 बजे तक चला। इस दौरान श्र्द्धालू भीषण गर्मी में पानी के लिए व्याकुल दिखे। दूसरी ओर पूजा - अर्चना के लिए मंदिर में सबसे अधिक भीड़ रही ।प्रशासनिक सुरक्षा व्यवस्था सख्त होने के कारण मेढ़पति सदस्यों की कुछ नहीं चली। जिस कारण गर्भगृह के अंदर आम श्रद्धालूओं पर पाबंदी थी। मंदिर परिसर में प्रत्येक मिनट पर हो रहे तिलडीहा महारानी के जयकारे से माहौल और भक्तिमय बना रहा। पाठाबलि के कारण तिलडीहा बदुआ नदी पुल से मंदिर के मार्ग मे दो चक्के वाहनों पर भी पाबंदी थी। सुरक्षा व्यवस्था में सीओ अशोक कुमार , थानाध्यक्ष पंकज कुमार राउत , बीपीआरओ रौनक झा , कल्याण पदाधिकारी संजीत कुमार सहित अन्य कर्मी मौजूद रहे।मेढ़पति सदस्यों ने बताया कि यह सत्र का अंतिम पाठाबलि का आयोजन था। अब शारदीय नवरात्र में पाठाबलि पड़ेगा।


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