बांका: चांदन प्रखंड मुख्यालय से पश्चिम बिरनिया पंचायत का निलकोठी गांव में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। वैसे यह गांव चांदन नदी से कुछ ही दूरी पर अवस्थित है। इस गांव में 120 परिवार रहते है जिसमे अधिकतर कुशवाहा है। जबकि यहां की आबादी 1500 के करीब है। इस भीषण गर्मी की बात कही जाय तो यहां एक भी सरकारी चापानल नही है। जबकि पूरे गांव में चार की संख्या में पुराने सरकारी कूप है। लेकिन पहली बार किसी भी कुएं में पानी नही है। इस संबंध में कई बार स्थानीय पंचायत प्रतिनिधि और पदाधिकारियो को शिकायत के बाबजूद कुएं की सफाई की कोई व्यवस्था नही होने और पानी के लिए हाहाकार पैदा होने के बाद ग्रामीणों द्वारा रविवार को कुछ कुएं को साफ किया गया। सफाई के बाबजूद भी कुएं से पानी नही निकल सका। जिस कारण इस गांव के लोगों को किसी के घरों से या काफी दूर नदी से पानी लाकर पीना पड़ता हैं। सबसे अधिक समस्या जानवरो को भी हो रही है। जिसे बाहर से पानी लाकर पिलाना पड़ता है। इस गांव के सबसे बुजुर्ग ग्रामीण दत्तन चौधरी,आंनदी चौधरी,जागेश्वर मंडल,युगल मंडल, बंगाली मंडल,कामदेव मंडल ने कहा की आजतक हमारे गांव में पानी की समस्या नही होती थी। पहली बार कुआं सूखा है। इसलिए हम ग्रामीणों को पानी की समस्या से जूझना पड़ रहा है। अगर हमारे पंचायत प्रतिनिधि गांव में कुछ नए चापानल लगवा देते और पुराने कुएं की सफाई और मरम्मत कराते तो आज यह समस्या नही होती। वही प्रमुख रवीश कुमार ने कहा कि हर पंचायत में नये चापानल लगाने की योजना आयी है। 25 परिवार पर एक चापानल लगाना है। इसके लिए पंचायत से सूची मांगी गयी है।


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