बांका : भाजपा जिला कार्यालय परिसर में भाजपा जिलाध्यक्ष बृजेश कुमार मिश्रा उर्फ विक्की मिश्रा की अध्यक्षता में शनिवार को संगठनात्मक बैठक सह प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इस दौरान मुख्य रूप से भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता जयराम विप्लव, भाजपा क्षेत्रीय सह प्रभारी मनीष पांडेय, जिलाध्यक्ष बृजेश मिश्रा उर्फ विक्की मिश्रा, कटोरिया विधायक निक्की हेंब्रम, भाजपा जिला प्रभारी राजकुमार सिंह सहित अन्य मंचासीन थे। बैठक सह प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया पैनलिस्ट सह प्रदेश प्रवक्ता जयराम विप्लव ने कहा कि पटना में 24 जनवरी को भाजपा द्वारा जननायक कर्पूरी जयंती समारोह का भव्य आयोजन किया जा रहा है, जिसके माध्यम से सामाजिक न्याय के पुरौधा कर्पूरी ठाकुर के संदेशों को जन-जन तक पहुंचकर पुनः स्मरण कराया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि आज बिहार की राजनीति में कर्पूरी ठाकुर का चेला होने का झूठा दावा करने वालों के लिए कुर्सी ही सबकुछ है, अपना परिवार ही सबकुछ है, सामाजिक न्याय नहीं परिवार की आय ही सब कुछ है, लेकिन कर्पूरी ठाकुर का व्यक्तित्व और उनकी राजनीति में कर्तव्य की प्राथमिकता एवं प्रधानता थी। परिवार की आय नहीं सामाजिक न्याय था। समस्तीपुर से पाटलिपुत्र के सत्ता शीर्ष पर पहुंचने वाले पहले अति पिछड़ा परिवार के मुख्यमंत्री बने थे, गोकुल ठाकुर के पुत्र कर्पूरी ठाकुर जब 1967 में पहली बार उपमुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री बने तो उन्होंने कई ऐतिहासिक कार्य कर दिखाया था, दसवीं तक अंग्रेजी की अनिवार्यता को हटाने के लिए भी उनकी खूब चर्चा हुई थी। 1970 में वो पहली बार सीएम बने, लेकिन मात्र 163 दिन ही सरकार चल पाई, किंतु जनसंघ के समर्थन वाली यह सरकार कई महत्वपूर्ण कार्यों के लिए जानी जाती है, आठवीं तक मुफ्त शिक्षा इसका बड़ा उदाहरण है। 1977 में पुनः मुख्यमंत्री बने तो जनसंघ के नेताओं का पुनः सहयोग मिला। कैलाशपति मिश्र और कर्पूरी ठाकुर की जोड़ी ने वो कर दिखाया था, जिसकी कल्पना भी किसी ने नहीं की थी। जो लोग चेला होने का झूठा दावा करते हैं, उन्होंने 15 वर्ष के अपने राज में किसी पिछड़े, अति पिछड़े को आरक्षण नहीं दिया, उनको कर्पूरी ठाकुर और कैलाशपति मिश्र का इतिहास पढ़ना चाहिए। मंडल कमीशन से भी करीब एक दशक पहले 26 फीसदी का आरक्षण पिछड़ों को बीस, महिलाओं और गरीब सवर्णों को तीन तीन फीसदी आरक्षण दिया। इस निर्णय में जनसंघ के नेता सारे विधायक उनके साथ कदम से कदम मिलाकर लागू करवाने में जुटे रहे। दसवीं तक की शिक्षा को मुफ्त करने की घोषणा भी उसी सरकार में हुई थी। शिक्षक होने के नाते कर्पूरी ठाकुर शिक्षा का महत्व जानते थे और गरीबों, पिछड़ों शोषितों दलितों के उत्थान का मार्ग शिक्षा है इसको उन्होंने सिद्ध किया था। आज बिहार में जो अराजक और अशांति का माहौल बना है वह जंगलराज से कम है क्या ? महागठबंधन को हमारा साफ संदेश है कि जयंती मनाने से नहीं होगा, बल्कि कर्पूरी के विचारों पर चलने से होगा। सड़कों पर खून बह रहा है, प्रशासन मौन है, इसे गुंडाराज नहीं तो और क्या कहें ? वहीं इस दौरान भाजपा क्षेत्रीय सह प्रभारी मनीष पांडेय ने कहा कि बांका में उत्सव का माहौल है, घर-घर दीप जलाना है, प्रभु श्री राम का सीधा प्रसारण देखने को लालायित हैं, मंदिर सजे हैं, सड़कों पर ध्वजा लहरा रही है, वहीं अफसोस आज भी है कि कुछ लोग प्रभु राम पर ही सवाल खड़े कर रहे हैं। 22 जनवरी को धूमधाम से हर मंदिर में हवन पूजन एवं प्रसाद वितरण घर-घर में दीप जलाने का संदेश दिया गया है। ओबीसी मोर्चा के नेतृत्व में कर्पूरी ठाकुर के जन्म जयंती हजारों की संख्या में कार्यकर्ता पटना जाएंगे। युवा मोर्चा द्वारा 25 जनवरी को पहली बार नव मतदाता का सम्मान सम्मेलन किया जाएगा। वहीं इस दौरान निवर्तमान जिला अध्यक्ष विकास सिंह, पूर्व जिला अध्यक्ष अजय कुमार दास, हरे कृष्णा पांडे, महेश गुप्ता, उगेंद्र मंडल, मुकेश सिंहा, आईटी सेल के क्षेत्रीय प्रभारी रंजीत यादव, हीरालाल मंडल, चंदन सिन्हा, जयप्रकाश यादव, मनमोहन दास, सज्जन पासवान, गणेश गुंजन, पूरनलाल सहित बांका जिले के सभी मंडल अध्यक्ष, भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
रिपोर्ट:केआर राव
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