दिलखुश हत्याकांड का पुलिस ने किया सफल उद्भेदन, दोस्तों ने ही गमछी से गला दबाकर एवं कैंची से गोदकर की थी हत्या

दिलखुश हत्याकांड का पुलिस ने किया सफल उद्भेदन, दोस्तों ने ही गमछी से गला दबाकर एवं कैंची से गोदकर की थी हत्या

रजौन, बांका : रजौन थाना क्षेत्र अंतर्गत शिकानपुर गांव स्थित पानी से भरे एक तालाब से विगत बुधवार को पुलिस ने एक 13 वर्षीय किशोर का शव बरामद किया था, जिसका पुलिस ने उद्भेदन करते हुए इस हत्याकांड में शामिल दो अभियुक्तों की गिरफ्तारी की है। इसको लेकर बांका एसडीपीओ विपिन बिहारी ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले का उद्भेदन किया। उन्होंने बताया कि गत 2 जनवरी दिन मंगलवार को शिकानपुर ग्राम निवासी रामदेव यादव द्वारा रजौन थाने में अपने 13 वर्षीय पुत्र दिलखुश कुमार के अपहरण को लेकर गांव के चार लोगों पर आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया गया था। जिसके बाद रजौन थाना पुलिस ने छानबीन शुरू की, लेकिन अगले ही दिन नयाडीह गांव के बहियार स्थित एक पोखर से दिलखुश कुमार का शव बरामद होने के बाद यह कांड अपहरण के बाद हत्या में तब्दील हो गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए बांका एसपी डॉ. सत्यप्रकाश द्वारा बांका एसडीपीओ विपिन बिहारी के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया, जिसमें एसडीपीओ बांका थानाध्यक्ष रजौन तथा अन्य शामिल थे। कांड के अनुसंधान के क्रम में यह तथ्य सामने आई कि मृतक दिलखुश कुमार अपने गांव के अन्य लड़के आर्यन कुमार और प्रीतम कुमार के साथ मोबाइल पर फ्री फायर नामक गेम खेलता था। मृतक के घर के समीप से अभियुक्त प्रीतम कुमार का चप्पल भी मिला, जिसके बाद पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर गांव के उक्त दोनों लड़कों को हिरासत में लेकर पूछताछ किया तो मामले का खुलासा हुआ, जिसमें पता चला कि आर्यन कुमार को खेलने के लिए अपना मोबाइल नहीं था, इसके लिए आर्यन ने दिलखुश कुमार से 10 हजार रुपया उधार लिया था। इधर दिलखुश कुमार अपना पैसा वापस मांग रहा था तथा गेम खेलने के लिए अपना मोबाइल देने से इनकार कर रहा था। इसी बात को लेकर गुस्से में आर्यन कुमार और प्रीतम कुमार ने मिलकर दिलखुश कुमार को 1 जनवरी की देर संध्या करीब 8 बजे घर से बुलाकर बहियार की तरफ ले गया और गमछे से गला दबाकर तथा कैंची गोदकर उसकी नृशंस हत्या कर दी और तालाब में शव फेंक दिया था। दोनों अभियुक्त की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त गमछा एवं कैची को बरामद कर लिया गया है। इधर पुलिस के इस अनुसंधान से न सिर्फ इस कांड से पर्दा उठा है, बल्कि निर्दोष भी फंसने से बच गए।

रिपोर्ट:जेआर राव

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