अंचलाधिकारी औऱ राजस्व पदाधिकारी को मिली विदाई

अंचलाधिकारी औऱ राजस्व पदाधिकारी को मिली विदाई

बांका:चांदन प्रखंड से  स्थानांतरित अंचलाधिकारी प्रशांत शांडिल्य और राजस्व अधिकारी आरती भूषण के सम्मान में विदाई सह सम्मान समारोह कार्यक्रम शुक्रवार को आईटी भवन में आयोजन किया गया। कार्यक्रम में दर्जनों जन प्रतिनिधियों, पूर्व जन प्रतिनिधियों और प्रखंड मुख्यालय के सभी विभागों के पदाधिकारियों ने भाग लिया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व प्रमुख पलटन यादव ने कहा कि अंचलाधिकारी के कार्यकाल के दौरान आये उतार चढ़ाव के बाबजूद उन्होंने अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ किया जिसे चांदन की आमजनता हमेशा याद रखेगी। वही अपने सम्बोधन में थानाध्यक्ष विष्णुदेव कुमार ने कहा कि इनके कार्यकाल में परस्पर सहयोग और बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने का अनुभव मिला जो काफी सराहनीय रहा। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए बीडीओ सह प्रभारी सीओ राकेश कुमार ने कहा कि इनके कार्यकाल में एक पदाधिकारी नहीं बल्कि एक भाई की तरह कार्य करने अवसर मिला ।मृदुभाषी और सरल व्यतित्व के धनी अंचलाधिकारी ने विकट परिस्थितियों में भी काफी सरल और सुगम तरीके से अपने दायित्वों का निर्वहन किया जिससे हमसबों को सीख लेने की जरूरत है। चाहे कोरोना काल के दौरान और पर्व त्योहारों में विधि व्यवस्था बनाये रखने की बातें हो या फिर सुखाड़ सहायता राशि के वितरण की बात हो इन्होने दिन रात मेहनत कर पूरी पारदर्शिता के साथ सभी कार्यों का सम्पादन किया । साथ ही उन्होंने आरओ आरती भूषण के कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा इन्होने पूरी तत्परता और बेहतर समन्वय के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन किया और आगे भी अंचलाधिकारी के रूप में मिली नई जिम्मेदारियों का सफलतापुर्वक निभाने की बधाई और शुभकामनायें दी। कार्यक्रम को सांख्यकी पदाधिकारी प्रमोद चौबे, एम ओ संदीप वर्णवाल, उप प्रमुख दिनेश प्र सिंह,पूर्व प्रमुख बेचू यादव,पूर्व पं स स बैजनाथ यादव, मुखिया प्रतिनिधि भोला यादव, पूर्व मुखिया छोटन मंडल, वरिष्ठ भाजपा नेता सह जे पी सेनानी हरे कृष्ण पाण्डेय ने भी सम्बोधित करते हुए दोनों पदाधिकारियो को बधाई और भविष्य की शुभकामनायें दी। इस अवसर पर दोनों पदाधिकारी को गुलदस्ता औऱ अंगवस्त्र देकर भी सम्मानित किया गया।जाने वाले दोनों पदाधिकारी ने भी अपने संबोधन ने कहा कि चांदन की जनता ने हमलोगों का भरपूर सहयोग किया है। इसलिए वे जहां भी रहेंगे चांदन को सदा ही याद रखेंगे।


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