बांका:चांदन प्रखंड मुख्यालय से 35 किलोमीटर दूर दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र जिसे पूरी तरह नक्सल प्रभावित माना जाता है। वह असुठा पंचायत के हरदिया के लोगो को स्वास्थ्य सुविधा की उम्मीद जगी है। यहां के लोगों को किसी भी बीमारी के इलाज या प्रसवग्रस्त महिला को लेकर जंगली और पथरीले रास्ते से प्रखंड मुख्यालय के अस्पताल 35 किलोमीटर जाना पड़ता था। नहीं तो फिर जमुई जिले के झाझा तक उन्हें ले जाना पड़ता था ।इस गांव और पंचायत की स्वास्थ्य समस्या को दूर करने के लिए बेलहर विधायक मनोज यादव की पहले रंग लाया है। विधानसभा में उठाए गए इस पंचायत के हरदिया में स्वास्थ्य उप केंद्र की मांग पर स्वास्थ्य मंत्री से यह आश्वासन मिला है कि हरदिया का स्वास्थ्य उपकेंद्र पूर्व से ही स्वीकृत है, जो भाड़े के मकान में चल रहा है। इस उप स्वास्थ्य केंद्र को बनाने का काम जल्दी ही शुरू कर दिया जाएगा। इस के अलावे इस विधानसभा क्षेत्र के पांच ऐसे उप स्वास्थ्य केंद्र वाले स्थान का भी चयन जल्दी होना है जिसकी स्वीकृति हो चुकी है। लेकिन वह आज भी भवन विहीन है। औऱ कुछ जगहों पर भाड़े के मकान में चल रहा है। इसके लिए भी जिलाधिकारी से रिपोर्ट मांगी गई है । जिस रिपोर्ट का अवलोकन होने के बाद पांचो जगह पर नये उपस्वास्थ्य केंद्र भवन का निर्माण जल्दी ही किया जाएगा। इसकी जानकारी देते हुए विधायक मनोज यादव ने कहा कि उन्होंने हरदिया के लोगों के साथ-साथ कई अन्य गांव में भी स्वास्थ्य की समस्या को देखा है। इसलिए उन्होंने इस मामले को विधानसभा में उठाया। जहां इस पर विचार करते हुए स्वास्थ्य मंत्री सम्राट चौधरी ने उन्हें इस समस्या के निदान का आश्वासन दिया है। चांदन प्रखंड के कई ऐसे उपस्वास्थ्य केंद्र हैं जिसका निर्माण हुए कई वर्ष हो गया लेकिन इसका उद्घाटन नहीं हो सका है। ऐसे केंद्रों का जल्द से जल्द पुनर्निर्माण कर उसमें भी काम शुरू करने का वह लगातार प्रयास कर रहे हैं। जिसमें कुसुमजोरी पंचायत का कूसोना उप स्वास्थ्य केंद्र, भोडाबाजार, बियाही, बांक, और गौरीपुर स्वास्थ्य केंद्र ऐसे हैं जो नियमित रूप से चालू नहीं है। उसे भी नियमित चालू करने का आदेश जल्दी ही पारित करा दिया जाएगा।

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