लूट का केंद्र बन गया सर्वे कार्यालय,महाजनों से उधार लेकर जमीन के लिए पैसा दे रहे है किसान

लूट का केंद्र बन गया सर्वे कार्यालय,महाजनों से उधार लेकर जमीन के लिए पैसा दे रहे है किसान

बांका:चांदन प्रखंड भर में चल रहे सर्वे का कार्य किसानों के लिए सबसे बड़ी समस्या लेकर खड़ा है। इस कार्य में किसानों का पूरी तरह आर्थिक दोहन हो रहा है। औऱ इससे सर्वे कर्मी मालामाल हो रहे है। इस लूट के खिलाफ कई बार पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा आंदोलन की बात कही गई, लेकिन जिलाधिकारी  द्वारा इसमें रोक लगाने के लिए एक बैठक आयोजित कर इस मामले को पारदर्शिता के साथ काम करने के आश्वासन के कारण आंदोलन को असली जामा नहीं पहनाया जा सका। कुछ दिनों तक बिना लेनदेन के काम होने के बाद एक बार फिर इस सर्वे काम में खुलेआम जमीन की के लिए लोगों से वसूली करना प्रारंभ कर दिया गया है। अब तो हर प्रकार की जमीन के लिए एक रेट बना दिया गया है। केबाला वाले जमीन पर भी कुछ न कुछ गलती निकालकर मोटी रकम वसूल किया जा रहा है। वही कुछ लोगों से बिहार सरकार की जमीन पर अवैध दखल दिलाने के लिए भी राशि की मांग की जाती है। कुछ लोगों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि सर्व कमी और उसके अमीन के साथ-साथ हर गांव में उनके द्वारा कुछ स्थानीय दलाल नियुक्त किए गए हैं। जो हर प्रकार की जमीन के लिए मोटी राशि वसूली का काम करते हैं। अब तो प्रत्येक केवाला वाली जमीन पर 2000 से लेकर 5000 तक की मांग की जाती है। जबकि बिहार सरकार और वन विभाग की जमीन पर अवैध दखल दिखलाने के लिए 10000 से 30000 तक की मांग खुलेआम हो रही है । इसके लिए स्थानीय दलाल और सरकारी सर्वे अमीन अपने-अपने आवास पर देर रात तक लोगों का जमावड़ा रखता है। जहां पैसे की वसूली की जाती है। सर्व कार्यालय में जितनी भीड़ नहीं होती है उससे अधिक भीड़ इस सर्वे कर्मी के निजी आवास पर जमा रहता है। पैसा नहीं देने वाले पर किसी न किसी रूप में खाता नहीं खोलने की धमकी दी जाती है। इसकी पदाधिकारी को भी इसकी सूचना देने के बाद कोई सुनवाई नहीं होती है। ऐसे व्यक्ति को भी इन दोनों काफी परेशानी हो रही है जिसे जमीन निबंधन के द्वारा प्राप्त हुआ और उसका हाल रसीद भी कट रहा है। लेकिन उसका अवैध दखल दिखाकर पैसे की मांग की जाती है, नहीं देने पर खाता बंद करने की भी धमकी मिल रही है। कई गरीब किसान सर्वे में अपना खाता खुलवाने के लिए महाजनों के चंगुल में भी फसता जा रहा है। जिससे उसे पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। लेकिन जिस गरीब व्यक्ति के पास पैसा नहीं है वह लगातार सरकारी कार्यालय का चक्कर लगाकर अपनी फरियाद सुन रहे हैं। इस संबंध में प्रमुख रवीश कुमार,पूर्व प्रमुख पलटन प्रसाद यादव,चांदन मुखिया अनिल कुमार,सहित कुछ पंचायत प्रतिनिधि भी इस प्रकार की शिकायत के जानकारी की बात करते है। इस संबंध बात करने पर बंदोबस्त पदाधिकारी ने बताया कि जो भी शिकायत उनके पास आती है उसका वह समाधान जरूर करते हैं। जिससे किसानों को कोई परेशानी नहीं हो।

Post a Comment

0 Comments