संग्रामपुर में संचालित अवैधक्लिनिक में इलाज के दौरान महिला की मौत

संग्रामपुर में संचालित अवैधक्लिनिक में इलाज के दौरान महिला की मौत

पंकज सिंह की रिपोर्ट
संग्रामपुर (मुंगेर) गुरुवार की देर रात प्रखंड मुख्यालय में अवैध रूप से संचालित विजय शाह के क्लीनिक में एक महिला की इलाज के दौरान मौत हो जाने की वजह से परिजनों के द्वारा हंगामा किया गया। इस मामले में परिजनों ने आरोप लगाते हुए कहा कि गलत उपचार की वजह से महिला की मौत हुई है। इस संबंध में मृतका का पुत्र बिट्टू कुमार ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से मेरी मां मालती देवी का इलाज विजय शाह के पास हो रहा था। उन्होंने बताया कि बीती रात उसकी मां को दिखाने के लिए विजय शाह के पास लेकर आए थे। इसके द्वारा दवाई दी गई थी। घर पहुंच कर दवाई खाने के बाद उसकी मां का तबीयत और बिगड़ने लगा। उसके बाद कई बार डॉक्टर को कॉल किया गया तथा क्लीनिक पर पहुंचकर उनसे संपर्क करने की कोशिश की गई। लेकिन डॉक्टर विजय शाह के द्वारा ना ही दरवाजा खोला गया ना ही हम लोग से बात की गई। कुछ देर के बाद ही मेरी मां का देहांत हो गया। बिट्टू ने आरोप लगाते हुए कहा कि जब अपनी मां को क्लिनिक लेकर आए थे उस समय वह चलकर आई थी लेकिन दवाई खाते ही उसकी तबीयत बिगड़ी और उसके बाद मौत हो गई। इस संबंध में अभी तक परिजनों के द्वारा प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई गई है।विदित हो कि विजय शाह का अवैध क्लिनिक पहले भी पदाधिकारी की नजर पर रहा है। लगभग दो माह पूर्व अनुमंडल पदाधिकारी के द्वारा उनके निजी क्लीनिक एवं दवाई खाने पर छापेमारी की गई थी। परंतु स्थानीय लोगों ने बताया कि मामले की लीपा पोती हो जाने के बाद पुनः यह क्लीनिक संचालित होने लगा।संग्रामपुर प्रखंड मुख्यालय में कई अवैध क्लिनिक और अवैध जांच केंद्र संचालित होते हैं जिस वजह से गलत इलाज एवं जांच के कारण लोगों को जान गंवानी पड़ी है। लगभग 6 माह पूर्व प्रखंड मुख्यालय स्थित आरएसएम नर्सिंग होम में भी एक महिला की मौत हुई थी। इसके बाद उक्त नर्सिंग होम को अनुमंडल पदाधिकारी के द्वारा सील कर दिया गया था। प्रखंड मुख्यालय में ऐसे कई अवैध क्लीनिक एवं जांच केंद्र प्रशासन के नाक के नीचे अवैध रूप से संचालित हो रही है। परंतु इस पर बोलने वाला कोई नहीं है। इस संदर्भ में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ एस एस राय ने बताया कि इस प्रकार के अवैध क्लिनिक में जनता का शोषण हो रहा है। ऐसे अवैध क्लिनिक में उचित चिकित्सा परामर्श नहीं देने के कारण मरीज को जान से हाथ धोनी पड़ती है। इस संदर्भ में विभाग के वरिय पदाधिकारी से संपर्क कर उचित कार्यवाही की जाएगी।

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