बांका : लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण के तहत शुक्रवार 26 अप्रैल को बांका लोकसभा क्षेत्र में शाम 6 बजे तक में 54 फीसद मतदान हुआ, जबकि जिले के रजौन प्रखंड में संध्या 6 बजे तक कुल 59.28 प्रतिशत मतदान होने की खबर है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 1 लाख 45 हजार 189 मतदाताओं में से 86 हजार 67 मतदाताओं ने अपने मतदान किया है। जिसमें 76 हजार 728 पुरुषों मतदाताओं में से 42 हजार 693 पुरुष एवं 68 हजार 461 महिला मतदाताओं में से 43 हजार 374 महिलाओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है। वहीं रजौन प्रखंड के मोरामा-बनगांव पंचायत अंतर्गत मोरामा गांव स्थित उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय के मतदान केंद्र संख्या 145 पर प्रशासन के लाख समझाने के बाद भी मात्र 9 वोट पड़ने की बात सामने आई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार भागलपुर-मंदारहिल रेल खंड को विस्तारित करने के बाद भागलपुर-हंसडीहा मुख्य सड़क मार्ग से इस रेलखंड होकर गुजरने वाली मोरामा के साथ-साथ आनंदपुर, ओड़हारा सहित कई अन्य गांवों तक जाने वाली संपर्क पथों पर रेलवे समपार फाटक देने की बजाय रेल प्रशासन द्वारा सड़क मार्ग को ही जेसीबी आदि से खुदाई करके अवरुद्ध कर दिया गया है। जिसके बाद से इन गांवों के लोगों ने इसका रोष व्यक्त करते हुए समय-समय पर सरकार व रेलवे प्रशासन को सूचना देने का भी काम किया है, इसके बावजूद सरकार व प्रशासन ने कभी इन ग्रामीणों की सुध नहीं ली। रेलवे के इस कार्रवाई के बाद मोरामा गांव के साथ-साथ इस सड़क मार्ग से लाभान्वित दर्जनों गांव के लोगों के बीच यातायात की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है, हालांकि यहां के लोग आज भी इस अवैध रेलवे क्रॉसिंग के रास्ते लोग रेलवे लाइन को पार कर ही आवागमन कर रहे हैं, लेकिन भविष्य में रेलवे द्वारा पूरी तरह से इस मार्ग को अवरुद्ध कर देने के बाद दर्जनों गांव के लोगों के बीच यातायात की गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो जाएगी। बता दें कि आजाद भारत के बिहार के प्रथम मुख्य सचिव रामसेवक मंडल मोरामा गांव के ही मूल निवासी थे। मोरामा गांव तक जाने वाली सड़क मार्ग को रेल प्रशासन द्वारा अवरुद्ध करने को लेकर यहां के ग्रामीणों ने लोकसभा चुनाव में वोट बहिष्कार करने का निर्णय लिया था। वहीं इसको लेकर करीब सौ से भी अधिक ग्रामीणों ने हस्ताक्षर युक्त लिखित आवेदन राज्य के निर्वाचन आयुक्त के अलावे जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह बांका के डीएम को भी दी थी तथा विगत बुधवार 24 अप्रैल को मोरामा गांव सहित इस सड़क मार्ग से लाभान्वित अन्य गांवों के सैंकड़ों ग्रामीणों ने अपनी मांगों को लेकर तथा वोट बहिष्कार से सम्बंधित बैनर, तख्ती आदि के साथ भागलपुर-मंदारहिल रेलखंड के समीप पहुंचकर सरकार व रेलवे प्रशासन के प्रति जमकर विरोध प्रदर्शन करते हुए कहा था कि अगर प्रशासन चुनाव के पूर्व कोई आश्वासन नहीं देती है, तो हम लोग अपने मताधिकार का पूर्ण रूपेण बहिष्कार करेंगे। वहीं 26 अप्रैल को मतदान के दिन सुबह 7 बजे से जब मतदान केंद्र पर ग्रामीण मत देने नहीं आ रहे थे तो इसकी सूचना पर बांका से अपर समाहर्ता अजीत कुमार, बांका एसडीपीओ विपिन बिहारी, रजौन बीडीओ राजकुमार पंडित, रजौन थानाध्यक्ष चंद्रदीप कुमार सहित सेक्टर मजिस्ट्रेट आदि पहुंचे हुए थे। जनप्रतिनिधियों व प्रशासन की उदासीनता के कारण लाख समझाने बुझाने के बाद भी यहां मात्र 9 वोट पड़े। ग्रामीणों ने बताया है कि दो मतदाता ने स्वेच्छा से तथा 7 मतदाता ने प्रशासन के दबाव में आकर मतदान किया है, जिसमें विद्यालय की रसोइया, आंगनबाड़ी केंद्र की सेविका व आशा कार्यकर्ता आदि बताए जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क मार्ग प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क मार्ग योजना के तहत बना है। इस मार्ग को अवरुद्ध कर दिए जाने से न सिर्फ सरकार की खर्च की गई राशि का दुरुपयोग हुआ है, बल्कि मोरामा सहित करीब आधे दर्जन से अधिक गांवों के लोगों को भविष्य में यातायात की सुविधा से पूरी तरह वंचित होना पड़ेगा। ग्रामीणों का कहना है कि अगर ऐसा हुआ तो हम लोग टापू की तरह गांव में ही रहकर भूखे मर जाएंगे। इस मुद्दे को लेकर स्थानीय विधायक सहित सांसद पूरी तरह से अपने कानों में रूई देकर सोए हुए हैं। इस सम्बंध में रजौन बीडीओ राजकुमार पंडित एवं रजौन बीसीओ सन्नी कुमार ने पुष्टि करते हुए बताया है कि मोरामा में ग्रामीणों के विरोध के कारण मात्र 9 वोट पड़े हैं।
रिपोर्ट:केआर राव
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