जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में हुए आतंकी हमले में रजौन के प्रवासी मजदूर की मौत, परिजनों में मचा कोहराम

जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में हुए आतंकी हमले में रजौन के प्रवासी मजदूर की मौत, परिजनों में मचा कोहराम

रजौन, बांका : लोकसभा चुनाव के बीच जम्मू कश्मीर के अनंतनाग जिले के बिजबेहरा इलाके के जबलीपोरा में विगत बुधवार की संध्या आतंकवादी हमले में गम्भीर रूप से जख्मी हुए प्रवासी मजदूर की इलाज के क्रम में मौत होने की खबर है। मृतक प्रवासी मजदूर की पहचान बिहार के बांका जिले के रजौन प्रखंड अंतर्गत नवादा बाजार सहायक थाना क्षेत्र के नवादा बाजार निवासी स्वर्गीय शंकर साह के 30 वर्षीय पुत्र राजा साह के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि आतंकियों द्वारा मृतक के गर्दन और पेट में दो गोलियां मारी गई थी, वहीं घटना के बाद आतंकियों को पकड़ने के लिए पूरे इलाके में घेराबंदी कर दी गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रवासी मजदूर राजा साह अनंतनाग के जबलीपोरा में अपने परिवार के साथ किराए पर रहता था तथा वहां पकोड़े आदि की रेहड़ी लगाता था। बुधवार की संध्या कुछ आतंकी उसकी रेहड़ी के पास आए और गोलियां बरसा कर भाग निकले, इस गोलीकांड में राजा साह के गर्दन और पेट में गोलियां लगीं, वहीं घटना के बाद स्थानीय लोगों ने उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के क्रम में उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस एवं सीआरपीएफ के अधिकारी समेत अन्य जवान मौके पर पहुंचे और डॉग स्क्वाड की मदद से पूरे इलाके में सघन छापेमारी अभियान में जुट गए हैं। बताया जा रहा है कि मृतक के पिता शंकर साह का निधन वर्ष 2011 में ही हो गई है, जिसके बाद पूरे परिवार की जिम्मेदारी मृतक राजा साह एवं उसके बड़े भाई मिथुन पर ही था, मृतक का बड़ा भाई मिथुन साह गांव में रहकर ही मजदूरी कर जीवन यापन करता है। मृतक राजा साह करीब 10-12 वर्ष पहले अपने साढ़ू के साथ जम्मू कश्मीर रोजी-रोजगार के लिए गया हुआ था। वह वर्तमान में अपनी पत्नी व तीन मासूम पुत्रों के साथ जम्मू कश्मीर अनंतनाग के जबलीपोरा में रहकर पकोड़े आदि की रेहड़ी चलाकर अपना एवं अपने पूरे परिवार का भरण पोषण करता था। मृतक अपने पीछे पत्नी सुमन देवी, तीन मासूम पुत्र अंकुश (8 वर्ष), विशु (5 वर्ष) व करीब 2 वर्षीय छोटू बाबू के साथ-साथ मां नीरा देवी, भाई मिथुन साह व भाभी सोनी देवी समेत भरा पड़ा पूरा परिवार छोड़ गए हैं। इधर घटना की सूचना के बाद मृतक के परिजनों में कोहराम मच गया है। सभी का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक की मां नीरा देवी, भाई मिथुन व भाभी सोनी देवी ने बताया कि अपने घर परिवार के पालन-पोषण के लिए वह जम्मू कश्मीर में रहता था, आतंकियों द्वारा उसे गोली लगने की सूचना बुधवार की रात्रि करीब 9 बजे उनलोगों को मिली है। घटना की सूचना के बाद नवादा-खरौनी पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि दयाशंकर सिंह समेत स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने मृतक के पैतृक घर पर पहुंचकर पीड़ित परिजनों से मिलकर उन्हें ढाढस बंधाते हुए सरकारी मुआवजा आदि दिलाने का भरोसा दिलाया है। बता दें कि इस घटना से पूर्व विगत 8 अप्रैल को भी आतंकियों ने शोपियां में विदेशी पर्यटक को कश्मीर घुमाने लेकर आए उत्तराखंड के एक टैक्सी चालक को गोली मारकर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया था। एक सप्ताह के अंदर यह आतंकियों की दूसरी घटना है। माना तो यह भी जा रहा है कि प्रवासी युवक की हत्या कर आतंकी संगठन लोगों में दहशत पैदा कर लोकसभा चुनाव में खलल डालने का प्रयास कर रही है।

रिपोर्ट:केआर राव

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