"महिला स्वावलंबन" एक मिशाल : रेखा देवी

"महिला स्वावलंबन" एक मिशाल : रेखा देवी




चम्पारण नीति / बेतिया (प.च.) महिला सशक्तिकरण बनाम महिला स्वावलंबन की सशक्त प्रयास.
       जो महिला कभी चौखट के बाहर नही निकलती थी वह आज "महिला स्वावलंबन" के लिए एक लकीर खींच मिशाल पेश करने की तैयारी पिछले एक साल समझ बना रही थी जो आज सामने है।
          बता दे कि जिले के सिकटा बाजार स्थित एक महिला जो कभी .... घर से बाहर नही निकलती थी। लेकिन समय के साथ महिला समाख्या की सखी शारदा देवी ने उस महिला से संपर्क साधी और अपने साथ महिला समाख्या के खास कार्यक्रमों, प्रशिक्षणों में शामिल करने लगी। वह महिला धीरे-धीरे मुखर होने लगी और बेझिझक सामाजिक गतिविधियों में रूचि लेने लगी। तभी वर्ष 2012 में आईडिया (मोतीहारी) संस्था की ओर से सिकटा प्रखंड क्षेत्र में दलित और मुस्लिम समुदाय की महिलाओं का समूह बनाकर स्वास्थ्य व स्वच्छता की पाठ पढाने का कार्यक्रम शुरु होना था। कार्यक्रम का नेतृत्व कर्ता ने शारदा देवी से संपर्क साधते हुए कार्यकर्ता चयन के लिए सुझाव व सहयोग की माँग किया। तब शारदा देवी ने महिला समाख्या से जुड़ी दर्जनों महिलाओं का नाम व पता दी। इसी क्रम में उक्त महिला का चयन पंचायत समन्वयक के रुप में हुई और उस वक्त वह महिला मात्र अपना नाम किसी तरह से लिख पाती थी। लेकिन बदलते समय के साथ वह महिला सुबह-शाम परिवार का देखभाल, बच्चों की पढाई, खुद की पढाई करते हुए, आर्थिक तंगी व परेशानी बावजूद एक बेटा को मैट्रिक, एक बेटा को इंटर,खूद को बी.ए. और इकलौती बेटी को एम.ए. तक पढ़ाने की जज्बा जिन्दा रखी। साल 2012 से अब तक कई संस्था, संगठन, अभियान और नेटवर्क से जुड़ाव व काम करने के कारण गाँव से लेकर जिला व राज्य स्तर पर पहचान बनाने में सफल रही।
      पिछले एक साल से यह सोच रही कि थी क्यो नही " महिला स्वावलंबन " के रास्ते कुछ नया किया जाय । इसी क्रम साल 2024 में मार्ग (दिल्ली) द्वारा आयोजित प्रशिक्षण में कुछ महिलाओं के साथ वह महिला भी देखने-समझने की नजरिया से शामिल हुई और कुछ सीखने-समझने बाद फिर उनके मन मे एक अलग कुछ कर गुजरने की सोच बनी। और आज वह महिला एक स्वतंत्र " जीवन ज्योति " महिला समूह बनाकर दैनिक उपयोग जैसे :- अदौरी, तिलौरी,आचार, पापड़,अगरबत्ती, सर्फ और सब्जी मसाला तैयार करने की प्रयास में जुटी हुई है। इस समूह में दर्जनों महिलाएं शामिल है और इनके द्वारा तैयार की गई सामाऩों की माँग बाजार में होने लगी है। बस जरूरत है आगे पैर बढ़ाने की .... रास्ता तो मिलना ही है। वह महिला है रेखा देवी, सिकटा बाजार, पश्चिमी चम्पारण(बिहार)

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