उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक से संबद्ध 30 बैंक सखियों का प्रशिक्षण संपन्न।
जीविका दीदियाँ बैंक सखी के रूप में बेहतर कार्य कर रहीं है: जिला परियोजना प्रबंधक।
बैंकिंग सेवा को आसानी से जन-जन तक पहुँचाने में जीविका जीविका दीदियाँ बैंक सखी के रूप में अहम भूमिका निभा रही हैं। इसी क्रम में बैंक सखियों को अपडेटेड बैंकिंग सेवाओं की जानकारी और बैंकिंग सेवा उपलब्ध कराने में आ रही तकनीकी समस्याओं के समाधान के उद्द्येश से रिफ्रेशर ट्रेनिंग का आयोजन आरसेटी भवन बेतिया में किया गया है।
इस अवसर पर बैंक सखियों को संबोधित करते नाबार्ड के डीडीएम श्री गोपाल कुमार पंडित ने बताया की बैंक सखी, जीविका और बैंक के बीच एक मजबूत कड़ी का काम कर रही हैं । उन्होंने यह भी कहा कि बैंक सखी के रूप में दीदियाँ काम कर आत्मनिर्भर बन कर दूसरी जीविका दीदियों को भी रोजगार करने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
इस मैके पर एलडीएम श्री सतीश कुमार ने बैंकिंग सेवा प्रदाता में काम करने के लिए दीदियों की हौसला अफ़ज़ाई कि और उन्हें साइबर फ्रॉड से सतर्क रहने और ग्राहकों को भी जागरूक करने की बात कही । उन्होंने बताया की सभी लेन देन का प्रिंटेड स्लिप ग्राहक को अवश्य दें, ग्राहक के मोबाइल नंबर को खाते से भी अवश्य लिंक करे।
जीविका के माइक्रोफाइनेंस मैनेजर बुद्धदेव कुमार ने प्रशिक्षु बैंक सखियों को बताया की सेंटर को साफ़ सुथरा रखना चाहिए और ग्राहको को के साथ अच्छा व्यवहार करना अनिवार्य है। बैंक सखी को अपने पोषक क्षेत्र में घर घर जा कर खाता भी खोलना चाहिए। जीविका की यंग प्रोफेशनल आईएबी श्रुती कुमारी ने बताया की सभी बैंक सखी भारतीय बैंकिंग और वित्त संस्थान से ट्रेनिंग ले चुकी है। जीविका दीवियों द्वारा ग्रामीण स्तर पर ग्राहक सेवा केन्द्र चलाया जा रहा है जिसका लाभ पंचायत के लोगों को मिल रहा है।
जीविका दीदियों द्वारा चयनित बैंक सखी आज समाज में वितिय समावेशन के अन्तर्गत वित्तिय सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाने का काम कर रही है। बैंक सखी पैसे का लेन-देन व जमा-निकासी, बीमा, पेंशन योजना व खाता से संबंधीत सेवाएं प्रदान कर रही और उसी अनुपात में दीदियों को बैंक के द्वारा कमीशन उनके खाते में ट्रांसफर किया जा रहा है।
प्रशिक्षण के दौरान अपना अनुभव साझा करते हुए गौनाहा प्रखंड के रूपौलिया पंचायत की धनेश्वरी कुमारी ने बताया की समाज में उन्हें लोग अब बैंकर दीदी के नाम से संबोधित करते है और बैंकिंग सेवाओं के लिय बैंक नहीं जा कर हमारे केंद्र पर आना पसंद करते हैं। पिछले एक महीने में उनके बीसी पॉइंट से 300 ट्रांजेक्शन दर्ज हुआ है।
जीविका के जिला परियोजना प्रबंधक श्री आर.के. निखिल ने जानकारी दी की अधिकतर बैंक सखी प्रत्येक माह 10-15 हज़ार रुपया कमीशन के रूप में कमा रही हैं । साथ ही साथ उन्होंने यह भी जानकारी दी कि जिले में प्रत्येक पंचायत में एक बैंक सखी का लक्ष्य जल्द ही हासिल कर लिया जाएगा । इस मौके पर एफ़.आई नोडल विकास कुमार ने सभी अधिकारियों और बैंक सखियों का प्रशिक्षण को सफल बनाने के लिए धन्यवाद ज्ञापन किया।
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