बांका: चांदन प्रखंड के आनंदपुर थाना के बरमसिया गांव में बर्ष 2015 में अपहरण औऱ डकैती कांड के शातिर अपराधी मुन्ना हेम्ब्रम को 10 बर्ष बाद पकड़ने में पुलिस को सफलता मिली है। जिस गिरफ्तार अपराधी पर झाझा,में तीन औऱ आनंदपुर में एक मामला दर्ज है साथ ही झारखंड के भी कई थानों में दर्जनों आपराधिक मामला दर्ज है।मुन्ना हेम्ब्रम की गिरफ्तारी के बाद बिहार सहित झारखंड के कई मामले से पर्दा उठने की संभावना है।आनंदपुर थाना के बरमसिया गांव निवासी प्रखंड शिक्षक दीपक रजक के घर रात के 12 बजे आठ दस की संख्या में आये अपराधियों ने हथियार के बल पर 25 हजार नकद जेवर सहित अन्य सामानों की लूट के साथ दीपक रजक का भी अपहरण कर लिया था। काफी खोजबीन के बाद दीपक रजक को बरामद कर लिया गया था। उस मामले में दीपक रजक के पिता दामोदर रजक के आवेदन पर सोनू वर्णवाल,मंटू यादव सहित कई अन्य को आरोपी बनाया गया था। पुलिस द्वारा अनुसंधान के क्रम में आरोपित सभी आरोपी को जेल भी भेजा गया था। लेकिन मुन्ना हेम्ब्रम उसी समय से फरार चल रहा था। जिसकी खोज पुलिस लगातार कर रही थी। दस बर्ष बीत जाने के बाद 12 मार्च को पुलिस को जानकारी मिली कि मुन्ना हेम्ब्रम अपने घर आया है। पुलिस तो समय के इंतजार में थी। और आनंदपुर थानाध्यक्ष विपिन कुमार,सअनि मनोज कुमार,सिपाही वरुण कुमार और रोशन कुमार,सिंटू कुमार के सहयोग से मुन्ना हेम्ब्रम को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस उससे अपहरण और डकैती की घटना के बाद अन्य घटना के बारे में लगातार पूछताछ कर गुरुवार को बांका जेल भेज दिया है।


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