बांका: जिले में दुर्गा पूजा एक विशेष उत्सव के रूप में अपना महत्व रखती है। चाहे वह शारदीय नवरात्र हो या वासंतिक पूजा। चांदन प्रखंड मुख्यालय के दुर्गामंदिर परिसर के पास ही एक मात्र चैती वैष्णवी दुर्गा मंदिर की महिमा की ख्याति दूर-दूर तक फैली है। यहां हर किसी की मांगी मुरादें मां अवश्य पूरी करती हैं। मां वैष्णवी दुर्गा की कृपा पाने के लिए आस-पास के सभी पंचायत से भी श्रद्धालु आते हैं। स्थानीय लोगों की मानें तो इस मंदिर में बीते लगभग 100 वर्षो से चैती दुर्गा पूजा धूम-धाम से होती आ रही है। माना जाता है कि इस मंदिर की स्थापना स्वर्णकार समाज द्वारा किया गया है। यह पहले बांस औऱ पत्ते से बने झोपड़ीनुमा था
पर धीरे धीरे इसको खपड़ैल औऱ अब तो इस मंदिर को काफी भव्य रूप देकर आकर्षक बना दिया गया है। श्री श्री 108 चैती वैष्णवी माता मंदिर पूजा समिति के अध्यक्ष अवधेश वर्मा, सदस्य आदित्य पोद्दार, मनोज पोद्दार, ने बताया कि मंदिर निर्माण के बाद हर वर्ष स्वर्णकार समाज द्वारा ही पूजा व्यवस्था की जाती है।यहां तीन दिनों तक भव्य मेले का आयोजन किया जाता है। इस बार प्रतिमा, सजावटें, लाइट, साउंड का काफी विस्तार किया गया है। मंदिर में आचार्य विपिन पंडित वासंतिक नवरात्र पर दुर्गा सप्तशती का पाठ करते हैं। जबकि पूजक प्रभाकर पांडेय द्वारा कलश स्थापना के साथ नवरात्र के प्रथम दिन से ही पूजा प्रारंभ होने के साथ ही मेला का भी आयोजन शुरू हो जाता है। बताया जाता है कि हर साल सप्तमी, अष्ठमी, नवमी, दशमी को मेला का आयोजन किया जाता है। भीड़ को नियंत्रित करने में प्रशासन का सहयोग भी मिलता है। नवरात्र के सप्तमी के दिन पट खुलने के बाद मां को खीर, पुड़ी का भोग लगाकर सभी श्रद्धालूओं के बीच प्रसाद वितरण किया जाता है।



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