अपने बच्चों के सुंदर भविष्य और रोजगार के लिए हमे एक मौका दे।

अपने बच्चों के सुंदर भविष्य और रोजगार के लिए हमे एक मौका दे।

बांका: बिहार के लोगों ने मंदिर, मस्जिद, गैस सिलेंडर, राशन, किरासन, स्कुल, अस्पताल और बिजली पानी के लिए वोट दिया है।बिहार के लोगों ने आज तक अपने बच्चों के भविष्य और रोजगार के लिए वोट नहीं दिया है । जिसकी वजह से बिहार की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। उक्त बातें जनसुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर के प्रखंड मुख्यालय स्थित उच्च विद्यालय के खेल मैदान में आयोजित जनसभा मे सम्बोधित करते हुए कहा। उन्होंने  केंद्र की मोदी सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि मोदी  बिहार की यात्रा में गुजरात में बुलेट ट्रेन की बात कर रहे हैं और बिहार में आकर सिर्फ एकाध रेलवे लाइन की घोषणा कर रहे हैं।ताकि  बिहार के बच्चे और मजदूर उन ट्रेनों में बैठकर गुजरात की कारखानों में काम करने जा सकें। उन्होंने कहा कि हमें खुशी होती अगर मोदी जी बिहार में स्टील की फैक्ट्रियां लगवाते और बिहार में बना स्टील मालगाड़ियों से देशभर में पहुंचाया जाता। बिहार को सिर्फ नई ट्रेनों की जरूरत नहीं है, बिहार को फैक्ट्रियों की जरूरत है। गुजरात की तरह बिहार में भी गिफ्ट सिटी बननी चाहिए ताकि बिहार के बच्चों को मजदूरी करने के लिए दूसरे राज्यों में न जाना पड़े बल्कि दूसरे राज्य के लोगों को काम करने के लिए बिहार आना पड़े। साथ ही उन्होंने लालू यादव पर तंज कसते हुए कहा कि गरीबों और शोषितों के नेता कहलाने वाले एक गरीब के बेटा को बिहार के लोगों ने राजा बना दिया। परन्तु क्या किसी गरीब के बेटे को नौकरी मिली क्या रोजगार मिला।और वहीं गरीब का बेटा अपने बेटे को बिहार का मुख्यमंत्री बनाने का सपना देख रहे है।  नीतीश कुमार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कभी लालटेन में लटकने वाले और कभी कमल के आसन पर बैठने वाले सूबे के मुखिया ने भी बिहार की बर्बादी और बदहाली को दूर करने का प्रयास नहीं किया। नीतीश कुमार कहते है कि बिहार में शराबबंदी है परन्तु आज घर घर में शराब पहुंचाया जा रहा है। सरकार बालू माफिया और शराब माफिया के लिए काम करते हैं। उन्होंने बिहार की बदहाली को दूर करने और व्यवस्था परिवर्तन के लिए जनसुराज को बेहतर विकल्प बताया। कार्यक्रम को जनसुराज के जिलाध्यक्ष सह प्रखंड प्रमुख च रविश कुमार, पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष सुजाता वैद्य के अलावे पार्टी के नेता चंदन सिंह ने भी सम्बोधित किया।


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